दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले शहर में हुए बवाल का एक नया CCTV फुटेज सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी रात के समय खड़ी गाड़ियों की तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। फुटेज वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से जुड़ा है। भाजपा ने दतिया से आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया, जिसके बाद नरोत्तम समर्थकों में नाराजगी फूट पड़ी थी।
टिकट की घोषणा होते ही शहर की सड़कों पर समर्थक उतर आए। उन्होंने नारेबाजी की और विरोध में सड़क जाम कर दी। कई घंटे तक यातायात ठप रहा। पुलिस को हालात काबू करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
उसी रात का एक CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी सड़क किनारे खड़ी निजी गाड़ियों के पास जाते दिख रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने गाड़ियों के शीशे और बोनट पर लाठी से वार किया।
वीडियो सामने आते ही तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इस मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। फुटेज में दिख रहे पुलिसकर्मियों की पहचान की जा रही है। यदि कोई अनुशासनहीनता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नरोत्तम मिश्रा के समर्थक इस वीडियो को सबूत मानकर कह रहे हैं कि उनके साथ अन्याय हुआ। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे लोगों को निशाना बनाया गया।
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वहीं, भाजपा नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। पार्टी ने साफ किया है कि टिकट वितरण संगठन का आंतरिक विषय है और सभी को एकजुट होकर चुनाव लड़ना है। दतिया उपचुनाव से ठीक पहले आया यह वीडियो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। एक तरफ भाजपा एकता दिखाने में जुटी है, दूसरी तरफ यह फुटेज पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर रहा है। फिलहाल पुलिस के द्वारा निजी गाड़ियों के शीशे फोड़ने का वीडियो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।