दतिया उपचुनाव: मतदान के बीच वायरल हुआ भाजपा जिला अध्यक्ष के निष्कासन का फर्जी लेटर, पार्टी ने बताया साजिश
दतिया विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम से एक कथित फर्जी निष्कासन पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने से सियासी हलचल मच गई। भाजपा ने पत्र को फर्जी बताते हुए साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार सुबह से मतदान शुरू हो गया। मतदान के दिन भाजपा से जुड़ा एक कथित फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के लेटरहेड पर तैयार एक कथित पत्र में जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को पार्टी से निष्कासित किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, पत्र पर न तो कोई तारीख है और न ही कोई आधिकारिक क्रमांक।
वायरल हो रहे पत्र में लिखा गया है कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। पत्र के नीचे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का नाम और लेटरहेड का प्रारूप अंकित है।
रघुवीर कुशवाहा ने इसे साजिश करार दिया
जैसे ही यह पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया, इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे तेजी से साझा किया गया। वायरल पत्र को लेकर रघुवीर कुशवाहा ने इसे साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "यह पत्र पूरी तरह फर्जी है। मेरे निष्कासन जैसी कोई बात नहीं है। उपचुनाव के बीच पार्टी की छवि खराब करने के लिए विरोधियों ने यह कृत्य किया है। मैंने इसकी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और साइबर सेल से कर दी है।"
कुशवाहा ने कहा कि वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और उपचुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं।
भाजपा ने भी इस पत्र को फर्जी बताया
भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी इस पत्र को फर्जी बताया। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के कार्यालय से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। बिना दिनांक और आधिकारिक क्रमांक के किसी पत्र की कोई वैधानिकता नहीं होती। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है कि यह फर्जी पत्र किसने और किस उद्देश्य से तैयार कर वायरल किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मतदान के दिन इस तरह का पत्र वायरल करना कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश हो सकती है। दतिया उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। ऐसे में इस कथित फर्जी पत्र ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
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साइबर सेल ने वायरल पत्र की जांच शुरू कर दी
पुलिस के अनुसार, जिला भाजपा इकाई की शिकायत के बाद साइबर सेल ने वायरल पत्र की जांच शुरू कर दी है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर पार्टी नेताओं को बदनाम करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी पत्रों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें।
