दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थमने के बाद अब निर्वाचन आयोग, पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह चुनाव की कमान संभाल ली है। निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के करीब 2,500 जवानों ने शहर में भव्य फ्लैग मार्च निकाला।फ्लैग मार्च का उद्देश्य आम मतदाताओं में सुरक्षा का भरोसा कायम करना और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश देना था कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार जिले के संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सीआरपीएफ और सीआईएसएफ की विशेष कंपनियां तैनात की जाएंगी। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जा सके।
पुलिस और प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले की सीमाओं पर सघन चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की निगरानी तथा लगातार गश्त जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता बिना किसी डर और दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
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जांच के दौरान ठहरे लोगों की पहचान और दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ के बाद जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।चुनाव के दौरान बिना ठोस कारण जिले में ठहरे बाहरी लोगों का भी सत्यापन होगा।
मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका होने पर ऐसे लोगों को जिला सीमा से बाहर भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।पुलिस ने होटल, ढाबा और धर्मशाला संचालकों से कहा है कि वे अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र दर्ज करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।उपचुनाव को देखते हुए अगले दो दिन जिले में निगरानी और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।