दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा के टिकट मामले में हुए बवाल के बाद प्रशासन सख्त, धारा-163 लागू; सभा-जुलूस पर रोक
दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे दतिया अनुभाग में धारा-163 लागू कर दी गई है। बिना अनुमति सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक रहेगी। हथियार, लाउडस्पीकर और पांच से अधिक लोगों के जुटने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई सभा, जुलूस, रैली या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन का कहना है कि उपचुनाव के दौरान शांति और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू सहित अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे और भाषण के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने आदेश में उल्लेख किया है कि 10 जुलाई की रात झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुए चक्का जाम के दौरान 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। इस दौरान वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
पढ़ें: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बवाल: रात भर हाईवे रहा जाम, सुबह भीड़ पर आंसू गैस छोड़ी गई; पुलिस ने खदेड़ा
प्रशासन ने भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों का भी पालन कराया जाएगा।
यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, सीआरपीएफ, केंद्रीय सुरक्षा बलों तथा प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर उनके शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष उपचुनाव कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले धारा-163 लागू होने के बाद जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासनिक सख्ती के बीच राजनीतिक दल और कार्यकर्ता आगे की रणनीति किस तरह तय करते हैं।
