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MP News: कर्ज चुक जाए इसलिए गुजरात में बनाने लगे थे पटाखे, उन्हीं पटाखों ने ले ली पूरे परिवार की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 02 Apr 2025 11:23 PM IST
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सार
गुजरात की पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मध्य प्रदेश के देवास जिले के संदलपुर गांव के 9 लोगों सहित 11 मजदूरों की मौत हो गई। आर्थिक तंगी के कारण वे काम के लिए गए थे। सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिले।
गुजरात फैक्ट्री धमाके में खत्म हुए परिवार के रिश्तेदार बिलखते रहे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देवास जिले के खातेगांव विधानसभा के ग्राम संदलपुर के रहने वाले लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए गुजरात गए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि इसी काम के कारण एक दिन उनकी जान चली जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। इस दर्दनाक हादसे में कई परिवारों ने अपने बच्चों और युवाओं को खो दिया।
बीते कुछ दिनों पूर्व ग्राम संदलपुर के कुछ लोग काम की तलाश में गुजरात गए थे। लेकिन, गुजरात में हुई पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की घटना में खातेगांव तहसील के 11 लोग शामिल थे, जिनमें से ग्राम संदलपुर के एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में संदलपुर और खातेगांव के दो युवक घायल भी हुए हैं।
ये भी पढ़ें- Gujarat Blast: शवों के बीच बेटे को तलाशती रहीं बुजुर्ग पिता की आंखें, जिसने भी देखा रो पड़ा
मृतकों के परिजनों की व्यथा
ग्राम संदलपुर में जैसे ही खबर मिली कि गुजरात की एक फैक्ट्री में विस्फोट हुआ है और उसमें गांव के कई लोगों की मौत हो गई है, तो पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक लखन के फूफा भगवान नायक ने रोते हुए बताया कि सभी मृतक एक ही परिवार से थे। छह महीने पहले तक वे सभी संदलपुर में ही रहकर कुकर सुधारने और मजदूरी का काम कर रहे थे। आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते वे काम की तलाश में गुजरात चले गए थे।
मजदूरी के लिए गए थे, मौत के शिकार हो गए
ग्राम हंडिया, जिला हरदा की रहने वाली गुड्डी बाई और उनका परिवार पहले से ही पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। मृतका शायर बाई अपनी बेटी राधा के साथ गुड्डी बाई के साथ करीब डेढ़ महीने पहले गुजरात के पटाखा फैक्ट्री में काम करने गई थी। होली के त्योहार पर वह संदलपुर लौटी, लेकिन कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते फिर से काम पर जाने को मजबूर हो गई। पटाखा बनाने पर इन्हें 1000 पटाखे बनाने के बदले मात्र 500 रुपये मिलते थे।
संदलपुर और हंडिया के ये सभी लोग 22-23 मार्च को हाटपीपल्या के पास देवगढ़ की एक फैक्ट्री में काम करने गए थे। वहां एक महिला से संपर्क हुआ, जिसने ज्यादा मजदूरी दिलाने के नाम पर उन्हें गुजरात ले जाने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद 28 मार्च को ये सभी पहली बार गुजरात गए थे, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया।
ये भी पढ़ें- गुजरात बनासकांठा हादसा: बिना सिर के क्षत-विक्षत मिली दो बॉडी, हरदा की महिला और लड़के की पहचान के लिए होगा DNA
सरकार की आर्थिक सहायता ही अंतिम सहारा
मृतक राकेश के भाई संतोष ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उनके परिवार के सदस्य गुजरात के डीसा जिले की पटाखा फैक्ट्री में काम कर रहे थे। वे रोज़ 500 रुपये मजदूरी कमाते थे, लेकिन यह नहीं पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा। परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और अब केवल एक बेटी बची है।
विधायक और प्रशासन की संवेदना
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक आशीष शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित गुर्जर मृतकों के परिवार से मिलने संदलपुर पहुंचे। विधायक ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के मुख्यमंत्री से चर्चा की है। इसके तहत मृतकों के परिवार को गुजरात सरकार की ओर से 4 लाख रुपये और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन ने अंत्येष्टि के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई है।एसडीएम प्रिया चंद्रावत, तहसीलदार अरविंद दिवाकर, थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। वहीं, ग्राम संदलपुर में स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने मृतकों के परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था की।
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बीते कुछ दिनों पूर्व ग्राम संदलपुर के कुछ लोग काम की तलाश में गुजरात गए थे। लेकिन, गुजरात में हुई पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की घटना में खातेगांव तहसील के 11 लोग शामिल थे, जिनमें से ग्राम संदलपुर के एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में संदलपुर और खातेगांव के दो युवक घायल भी हुए हैं।
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मृतकों के परिजनों की व्यथा
ग्राम संदलपुर में जैसे ही खबर मिली कि गुजरात की एक फैक्ट्री में विस्फोट हुआ है और उसमें गांव के कई लोगों की मौत हो गई है, तो पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक लखन के फूफा भगवान नायक ने रोते हुए बताया कि सभी मृतक एक ही परिवार से थे। छह महीने पहले तक वे सभी संदलपुर में ही रहकर कुकर सुधारने और मजदूरी का काम कर रहे थे। आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते वे काम की तलाश में गुजरात चले गए थे।
मजदूरी के लिए गए थे, मौत के शिकार हो गए
ग्राम हंडिया, जिला हरदा की रहने वाली गुड्डी बाई और उनका परिवार पहले से ही पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। मृतका शायर बाई अपनी बेटी राधा के साथ गुड्डी बाई के साथ करीब डेढ़ महीने पहले गुजरात के पटाखा फैक्ट्री में काम करने गई थी। होली के त्योहार पर वह संदलपुर लौटी, लेकिन कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते फिर से काम पर जाने को मजबूर हो गई। पटाखा बनाने पर इन्हें 1000 पटाखे बनाने के बदले मात्र 500 रुपये मिलते थे।
संदलपुर और हंडिया के ये सभी लोग 22-23 मार्च को हाटपीपल्या के पास देवगढ़ की एक फैक्ट्री में काम करने गए थे। वहां एक महिला से संपर्क हुआ, जिसने ज्यादा मजदूरी दिलाने के नाम पर उन्हें गुजरात ले जाने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद 28 मार्च को ये सभी पहली बार गुजरात गए थे, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया।
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सरकार की आर्थिक सहायता ही अंतिम सहारा
मृतक राकेश के भाई संतोष ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उनके परिवार के सदस्य गुजरात के डीसा जिले की पटाखा फैक्ट्री में काम कर रहे थे। वे रोज़ 500 रुपये मजदूरी कमाते थे, लेकिन यह नहीं पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा। परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और अब केवल एक बेटी बची है।
विधायक और प्रशासन की संवेदना
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक आशीष शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित गुर्जर मृतकों के परिवार से मिलने संदलपुर पहुंचे। विधायक ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के मुख्यमंत्री से चर्चा की है। इसके तहत मृतकों के परिवार को गुजरात सरकार की ओर से 4 लाख रुपये और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन ने अंत्येष्टि के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई है।एसडीएम प्रिया चंद्रावत, तहसीलदार अरविंद दिवाकर, थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। वहीं, ग्राम संदलपुर में स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने मृतकों के परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था की।

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