MP: देवास पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, ,सात आरोपी गिरफ्तार; 50 लाख का माल बरामद
देवास पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में धार्मिक आयोजनों के दौरान चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
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देवास पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने धार्मिक आयोजनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है, जिसमें चोरी की सोने की चेन, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने बताया कि कुछ दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मंडी धर्मशाला में आयोजित भागवत कथा में शामिल होने गई सरोज अग्रवाल के गले से अज्ञात महिला ने करीब तीन लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन चोरी कर ली थी। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की। महत्वपूर्ण सुराग मिलने पर पुलिस टीम भोपाल पहुंची और विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में आरोपियों ने देवास समेत मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य निशाना भागवत कथा, भंडारे, धार्मिक आयोजन और अन्य भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम होते थे। आरोपी श्रद्धालुओं के बीच सामान्य भक्त बनकर शामिल होते थे और आरती, प्रसादी वितरण या भीड़भाड़ के दौरान महिलाओं के आभूषण व अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह दिल्ली, मुंबई, हरियाणा सहित कई राज्यों में सक्रिय रहा है। सभी आरोपी तमिलनाडु के निवासी बताए गए हैं। गिरोह के सदस्य पहले विभिन्न राज्यों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी जुटाते थे और फिर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज और ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगाए गए कैमरों की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।

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