Dewas News: पहली ही बारिश में निर्माणाधीन पुलिया का हिस्सा बहा, गुणवत्ता पर उठे सवाल; विधायक और एसडीओ पहुंचे
देवास जिले के होशियारी गांव की पुलिया पहली बारिश में बह गई, जिसके कारण यहां के लोगों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इसके बाद विधायक मनोज चौधरी और सिंचाई विभाग के अधिकारी नेहा दुबे मौके पर पहुंचे।
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देवास के हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्र के होशियारी गांव में निर्माणाधीन पुलिया का एक हिस्सा बारिश के दौरान बह जाने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण महज 25 दिनों में पूरा कर दिया गया था और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते पहली ही बारिश में पुलिया का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लगातार बारिश होती रहती, तो पूरी पुलिया ढह सकती थी, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका थी। यह पुलिया देवास-इंदौर मार्ग को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे आसपास के कई गांवों का आवागमन होता है।
विधायक ने लिया जायजा, जांच का दिया भरोसा
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मनोज चौधरी मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन पुलिया का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि निर्माण कार्य जल्दबाजी में किया गया था और गुणवत्ता को लेकर पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक मनोज चौधरी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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एजेंसी से कराई जाएगी मरम्मत
सिंचाई विभाग की एसडीओ नेहा दुबे ने बताया कि पुलिया का निर्माण लगभग 25 दिनों में पूरा किया गया था, जिसकी लागत दो करोड़ रुपये से अधिक है। बारिश के कारण हुए नुकसान की मरम्मत संबंधित निर्माण एजेंसी से कराई जाएगी। विभाग ने एजेंसी को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
करोड़ों की लागत वाले निर्माण पर सवाल
पहली ही बारिश में निर्माणाधीन पुलिया का हिस्सा बह जाने से करोड़ों रुपये की लागत से किए गए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो पुलिया इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती। अब लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
