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Dindori News: निर्माण कार्यों में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, 35 से अधिक अफसरों को नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडोरी
Published by: डिंडोरी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:15 PM IST
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सार
डिंडौरी जिले में लंबित निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के बाद 35 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। कलेक्टर ने सभी कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डिंडौरी जिले में ग्रामीण विकास विभाग के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में देर रात तक चली समीक्षा बैठक के बाद तय समय सीमा में कार्य पूरे न होने पर 35 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह बैठक सोमवार रात करीब 9:30 बजे तक चली, जिसमें प्रभारी जिला पंचायत सीईओ पंकज जैन भी मौजूद रहे।
बैठक में जिले के सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, एसडीओ, इंजीनियर और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं के निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान यह सामने आया कि कई ऐसे कार्य हैं, जिन्हें स्वीकृति मिले वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन वे आज तक अधूरे पड़े हैं।
कलेक्टर भदौरिया ने बताया कि मनरेगा के पुराने कार्य, 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत निर्माण, आरईएस विभाग के कार्य, विधायक निधि से स्वीकृत योजनाएं, वाटरशेड, आंगनबाड़ी भवन, अटल सुशासन भवन, जल गंगा संवर्धन अभियान, ग्रेबियन संरचनाएं और पेयजल से जुड़े कई निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित हैं। इन कार्यों की धीमी प्रगति को गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की।
ये भी पढ़ें- माँ शारदा की चौखट पर बाहुबली नेता का शक्ति प्रदर्शन, प्रतिबंध के बावजूद गर्भगृह तक पहुंचे हथियार
समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि पंचायत स्तर से लेकर इंजीनियर, एसडीओ और जनपद सीईओ तक कई अधिकारी इन कार्यों को पूरा कराने में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। कुछ मामलों में भूमि विवाद को भी कार्य अटकने का कारण बताया गया, जिस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे विवादों का प्राथमिकता से समाधान कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराए जाएं।
जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें डिंडौरी जनपद पंचायत के सीईओ प्रमोद ओझा, अमरपुर जनपद पंचायत के सीईओ लोकेश नाननोरे, मनरेगा परियोजना अधिकारी प्रदीप शुक्ला, डाटा मैनेजर प्रवीण गुप्ता सहित कई एसडीओ, इंजीनियर और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हैं। सभी से निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में जिले के सभी लंबित निर्माण कार्यों को हर हाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी यदि कार्यों में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में जिले के सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, एसडीओ, इंजीनियर और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं के निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान यह सामने आया कि कई ऐसे कार्य हैं, जिन्हें स्वीकृति मिले वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन वे आज तक अधूरे पड़े हैं।
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कलेक्टर भदौरिया ने बताया कि मनरेगा के पुराने कार्य, 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत निर्माण, आरईएस विभाग के कार्य, विधायक निधि से स्वीकृत योजनाएं, वाटरशेड, आंगनबाड़ी भवन, अटल सुशासन भवन, जल गंगा संवर्धन अभियान, ग्रेबियन संरचनाएं और पेयजल से जुड़े कई निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित हैं। इन कार्यों की धीमी प्रगति को गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की।
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समीक्षा के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि पंचायत स्तर से लेकर इंजीनियर, एसडीओ और जनपद सीईओ तक कई अधिकारी इन कार्यों को पूरा कराने में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। कुछ मामलों में भूमि विवाद को भी कार्य अटकने का कारण बताया गया, जिस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे विवादों का प्राथमिकता से समाधान कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराए जाएं।
जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें डिंडौरी जनपद पंचायत के सीईओ प्रमोद ओझा, अमरपुर जनपद पंचायत के सीईओ लोकेश नाननोरे, मनरेगा परियोजना अधिकारी प्रदीप शुक्ला, डाटा मैनेजर प्रवीण गुप्ता सहित कई एसडीओ, इंजीनियर और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हैं। सभी से निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में जिले के सभी लंबित निर्माण कार्यों को हर हाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी यदि कार्यों में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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