डिंडोरी जिले में सड़क निर्माण कार्य के दौरान की जा रही लगातार ब्लास्टिंग से ग्रामीणों का जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। मामला विक्रमपुर पुलिस चौकी अंतर्गत बरखोह गांव का है, जहां नेशनल हाईवे एनएच–45 शहपुरा–डिंडोरी सड़क निर्माण में लगी एक निजी कंपनी की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अंधाधुंध ब्लास्टिंग के चलते उनके घरों में दरारें पड़ गई हैं और गांव के जल स्रोत सूखने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार उदित इंफ्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा सड़क निर्माण के लिए कंक्रीट और डामर प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट के लिए पत्थर निकालने हेतु बीते लगभग दो वर्षों से लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग की तीव्रता इतनी अधिक होती है कि पूरा गांव हिल जाता है, जिससे कच्चे ही नहीं बल्कि पक्के मकानों की दीवारों में भी गहरी दरारें आ चुकी हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई मकान अब इस स्थिति में पहुंच गए हैं कि कभी भी गिर सकते हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल बना रहता है। रात के समय तेज धमाकों से लोग सहम जाते हैं और घर से बाहर निकलने से भी डरते हैं। कुछ परिवारों ने तो अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर रहने की मजबूरी भी जताई है।
ब्लास्टिंग का सबसे गंभीर असर गांव के जल स्रोतों पर पड़ा है। गांव की महिलाओं के अनुसार पहले जिन हैंडपंपों और बोरिंग से भरपूर पानी निकलता था, अब वहां पानी आना लगभग बंद हो गया है। लगातार कंपन और भूगर्भीय हलचल के कारण जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिससे पूरे गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार कंपनी के मैनेजर और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। शिकायतों के बावजूद ब्लास्टिंग का काम बिना किसी रोक-टोक के जारी रहा।
आखिरकार परेशान होकर ग्रामीणों ने विक्रमपुर पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में ब्लास्टिंग से हुए नुकसान की भरपाई, तत्काल ब्लास्टिंग पर रोक और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे एनएच–45 शहपुरा–डिंडोरी मार्ग पर चक्का जाम कर आंदोलन करेंगे। फिलहाल गांववाले प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।