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डबल मर्डर मिस्ट्री: चूनाभट्टी तक पहुंचा हत्यारों का सुराग, सुपारी किलिंग और प्रॉपर्टी विवाद में हत्या
Thu, 02 Jul 2026 07:21 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 02 Jul 2026 07:21 PM IST
सार
भोपाल के ऐशबाग डबल मर्डर मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। दंपती के मोबाइल चूनाभट्टी क्षेत्र से मिले और सीसीटीवी में संदिग्ध युवक ऑनलाइन भुगतान करते दिखा। जांच प्रॉपर्टी विवाद व सुपारी किलिंग के एंगल पर केंद्रित है। 12 सदस्यीय एसआईटी डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
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भोपाल में दोहरा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के ऐशबाग में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चूनाभट्टी क्षेत्र की ओर भागे थे। पुलिस की जांच फिलहाल प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका के इर्द-गिर्द केंद्रित है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस तेजी से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, मृत दंपती के दोनों मोबाइल फोन चूनाभट्टी इलाके से बरामद हुए हैं। आशंका है कि पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मोबाइल का पूरा डिजिटल डेटा डिलीट कर दिया था। दोनों मोबाइल एक राहगीर को मिले, जिसने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इसी कड़ी से पुलिस को यह संकेत मिला कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी चूनाभट्टी की ओर गए थे। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मोबाइल मिलने की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है।
ये भी पढ़ें- डबल मर्डर मिस्ट्रीः दूसरी शादी, करोड़ों की संपत्ति और बारिश में चली गोलियां, अब किराए के शूटरों के एंगल पर जांच
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शराब दुकान की फुटेज से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को एक शराब दुकान की सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें संदिग्ध हुलिए का एक युवक शराब खरीदते नजर आया। महत्वपूर्ण बात यह है कि उसने भुगतान ऑनलाइन किया था। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में दस्ताने लगाए दिखाई दिए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या की पूरी साजिश पहले से योजनाबद्ध थी।
ये भी पढ़ें- गोली मारकर दंपती की हत्या का मामला : कॉल डिटेल और फुटेज से नहीं मिला सुराग, सुपारी देकर हत्या कराने का शक
रहस्यमय ढंग से गायब हुआ किराएदार भी संदेह के घेरे में
जांच का दायरा अब परिजनों और करीबी लोगों तक भी पहुंच गया है। पुलिस ने मृतका शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे को हिरासत में लेकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। तीनों के मोबाइल जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की गई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी किसी को क्लीन चिट नहीं दी है। इसी बीच जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से चार दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक गायब हो गया था। उसका सामान अब भी कमरे में रखा हुआ है। पुलिस इस किराएदार की भूमिका और उसके संभावित संबंधों की भी गंभीरता से जांच कर रही है।
ये भी पढ़ें- डबल मर्डर का सुराग नहीं: इटारसी की संपत्ति बेचने पर आए 13 लाख बैंक में जमा फिर क्यों हुई हत्या, उलझी पुलिस
12 सदस्यीय एसआईटी कर रही हर एंगल से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम में दो एसीपी, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और परिजनों के बयानों का मिलान कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस का दावा है कि जांच निर्णायक चरण में है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
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सूत्रों के अनुसार, मृत दंपती के दोनों मोबाइल फोन चूनाभट्टी इलाके से बरामद हुए हैं। आशंका है कि पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मोबाइल का पूरा डिजिटल डेटा डिलीट कर दिया था। दोनों मोबाइल एक राहगीर को मिले, जिसने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इसी कड़ी से पुलिस को यह संकेत मिला कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी चूनाभट्टी की ओर गए थे। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मोबाइल मिलने की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है।
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शराब दुकान की फुटेज से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को एक शराब दुकान की सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें संदिग्ध हुलिए का एक युवक शराब खरीदते नजर आया। महत्वपूर्ण बात यह है कि उसने भुगतान ऑनलाइन किया था। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में दस्ताने लगाए दिखाई दिए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या की पूरी साजिश पहले से योजनाबद्ध थी।
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रहस्यमय ढंग से गायब हुआ किराएदार भी संदेह के घेरे में
जांच का दायरा अब परिजनों और करीबी लोगों तक भी पहुंच गया है। पुलिस ने मृतका शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे को हिरासत में लेकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। तीनों के मोबाइल जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की गई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी किसी को क्लीन चिट नहीं दी है। इसी बीच जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से चार दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक गायब हो गया था। उसका सामान अब भी कमरे में रखा हुआ है। पुलिस इस किराएदार की भूमिका और उसके संभावित संबंधों की भी गंभीरता से जांच कर रही है।
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12 सदस्यीय एसआईटी कर रही हर एंगल से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम में दो एसीपी, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और परिजनों के बयानों का मिलान कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस का दावा है कि जांच निर्णायक चरण में है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
