सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Guna News ›   Action taken in the ration scam: FIR against the fair price shop operator, accused of embezzling

Guna News: राशन घोटाले पर कार्रवाई, उचित मूल्य दुकान संचालक पर एफआईआर; लाखों का अनाज हड़पने का आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: गुना ब्यूरो Updated Fri, 20 Mar 2026 12:49 PM IST
विज्ञापन
सार

गुना जिले के आरोन तहसील स्थित शहबाजपुर की उचित मूल्य दुकान में लाखों रुपये के खाद्यान्न घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में विक्रेता द्वारा गेहूं, चावल सहित अन्य सामग्री की हेराफेरी सामने आने पर प्रकरण दर्ज किया गया है।

Action taken in the ration scam: FIR against the fair price shop operator, accused of embezzling
शासकीय राशन में हेरफेर मामले पर कार्रवाई।
विज्ञापन

विस्तार

गुना जिले की आरोन तहसील अंतर्गत शहबाजपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़े पैमाने पर खाद्यान्न गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
Trending Videos


अवैध रूप से अन्यत्र डायवर्ट कर दिया गया राशन
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। इसी क्रम में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, आरोन द्वारा की गई जांच में शहबाजपुर की उचित मूल्य दुकान के विक्रेता चन्द्रभान यादव द्वारा गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि दुकान को आवंटित किए गए खाद्यान्न का बड़ा हिस्सा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय अवैध रूप से अन्यत्र डायवर्ट कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच प्रतिवेदन के अनुसार, विक्रेता द्वारा 163.67 क्विंटल गेहूं, 38.22 क्विंटल चावल, 71 किलोग्राम नमक और 88 किलोग्राम शक्कर का अपयोजन किया गया। यह खाद्यान्न शासन द्वारा पात्र हितग्राहियों को वितरित करने के लिए दिया गया था, लेकिन आरोपी ने इसे कालाबाजारी के उद्देश्य से गलत तरीके से इस्तेमाल किया। इस पूरे घोटाले की आर्थिक लागत करीब 6 लाख 47 हजार 956 रुपये आंकी गई है।

ये भी पढ़ें- MP News: मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू, राज्य वित्त आयोग का गठन, जयपाल सिंह पवैया बने अध्यक्ष

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), आरोन द्वारा संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 18 मार्च को आरोन थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के तहत एफआईआर दर्ज कराई।

प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र हितग्राहियों को समय पर और पूरा राशन उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। ऐसे में यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य उचित मूल्य दुकानदारों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जरूरतमंदों तक उनका हक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed