MP News: विधायक पन्नालाल का तंज- सिलेक्टेड लोग इलेक्टेड पर हावी, हम मंदिर में खड़े हैं और प्रसाद नहीं मिल रहा
गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह चयनित अधिकारी जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों पर हावी हो रहे हैं, जिससे विकास प्रभावित होता है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की और व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई।
गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह चयनित अधिकारी जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों पर हावी हो रहे हैं, जिससे विकास प्रभावित होता है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की और व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई।
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अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई जगह “सिलेक्टेड” यानी चयनित अधिकारी “इलेक्टेड” यानी जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों पर हावी होते दिखाई दे रहे हैं। इससे जनहित के काम प्रभावित हो रहे हैं और विकास की गति भी प्रभावित होती है।
दरअसल शनिवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गुना पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट अंतिम छोर तक के व्यक्ति को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने इसे युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए समावेशी बजट बताया और कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रशासनिक व्यवस्था पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने “सिलेक्टेड और इलेक्टेड” के सवाल पर कहा कि सिलेक्टेड वे लोग होते हैं जो सरकार द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से कर्मचारी या अधिकारी बनते हैं, जबकि इलेक्टेड वे होते हैं जिन्हें जनता अपने मत से चुनकर जनप्रतिनिधि बनाती है। विधायक शाक्य ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इलेक्टेड व्यवस्था सर्वोपरि होती है और उसके अधीन सिलेक्टेड लोग काम करते हैं। हालांकि कई बार कुछ इलेक्टेड और कुछ सिलेक्टेड लोगों की गलतियों के कारण व्यवस्था में गड़बड़ी की स्थिति बन जाती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यह देखने में आ रहा है कि कई स्थानों पर सिलेक्टेड लोग इलेक्टेड प्रतिनिधियों पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “आप मरघट से उठाकर किसी को ले आओ, उन्हें भोजन करा दो, लेकिन यहां हम मंदिर में खड़े हैं और हमें प्रसाद ही नहीं मिल रहा। आखिर ऐसे लोगों को किसका संरक्षण मिला हुआ है?”
विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि गुना जिले में जो विभिन्न उपक्रम और व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, क्या वे वास्तव में लोकहित और जनहित के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि इन व्यवस्थाओं से अपेक्षित विकास दिखाई नहीं देता। इसी दौरान मीडिया ने उनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अमेरिका और ईरान के विवाद को लेकर भी सवाल किया। इस पर विधायक शाक्य ने हल्के अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि “क्या आप ईरान और अमेरिका गए हैं? हम तो नहीं गए। हम तो दिल्ली तक भी नहीं गए। जब हमने दिल्ली ही नहीं देखी तो आप हमसे अमेरिका और ईरान के झगड़े के बारे में कैसे पूछ सकते हैं।”

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