Strange Tradition: अजीब है इस समुदाय की 'अंधेरी खेलना' परंपरा, शादी के लिए अपराध जरूरी; विधवा की जिंदगी नर्क
गुना समेत प्रदेश के अन्य जिलों में बसे पारदी समाज में महिलाओं और पुरुषों के लिए कई परंपराएं हैं, जिनका सभी को पालन करना होता है। इस समाज की महिलाएं पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं कर सकती हैं। पुरुष के खिलाफ केस दर्ज होने पर ही वह शादी कर सकता है। पढ़िए, ये रिपोर्ट...।
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मध्य प्रदेश के गुना जिले में पारदी समाज के युवक की मौत पुलिस कस्टडी में हो गई। पुलिस ने जिस समय युवक को हिरासत में लिया वह घोड़ी चढ़ने जा रहा था। दूल्हे के रूप से तैयार होकर वह अपनी दुल्हनियां को लेने जाने वाला था, लेकिन इससे पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। युवक गुना जिले के पारदी समाज के ताल्लुक रखता था। उसकी मौत के बाद समाज से जुड़ी जो परंपराएं सामने आईं वो काफी चौंकाने वाली हैं। आइए, जानते हैं इस पारदी समाज और उसकी अनोखी परंपराओं के बारे में...
पति की मौत के बाद महिलाओं के लिए कई पाबंदियां
गुना समेत प्रदेश के अन्य जिलों में बसे पारदी समाज में महिलाओं और पुरुषों के लिए कई परंपराएं हैं, जिनका सभी को पालन करना होता है। इस समाज की महिलाएं पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं कर सकती हैं। उन्हें विधवाओं की तरह ससुराल या मायके में रहने पड़ता है। वे किसी शुभ कर्यक्रम में शामिल नहीं हो सकती हैं और त्योहार भी नहीं मना सकती हैं। इन महिलाओं को नए कपड़े पहनना, चप्पल पहनना और किसी को अपना चहरा दिखाना भी वर्जित होता है। विधवा महिलाओं को घर में ही रहना पड़ता है।
शादी के लिए अपराध जरूरी
गुना जिले में रहने वाले पारदी समाज की आसपास के चार-पांच गांव में रिश्तेदारियों हैं। यह लोगों इन्हीं गांव में अपने बेटे-बेटियों की शादी करते हैं। पारदी समाज के युवक को शादी काबिल तभी माना जाता है, जब उस पर केस दर्ज होते हैं। नाबालिग रहते ही इस समाज के लड़के चोरी करना सीख जाते हैं। अपराध की दुनिया में कदम रखने के लिए लड़के छोटी-छोटी चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। इसके बाद इनके अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ जाता है। पारदी समाज की मान्यता के अनुसार जिस लड़के पर सबसे ज्यादा केस दर्ज होते हैं, वह शादी के लिए उतना ही योग्य वर होता है।
छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घटनाएं नहीं होतीं
पारदी समाज की कुछ परंपराएं अजीब जरूर हैं, लेकिन कुछ अच्छी चीजें भी हैं। जैसे, इस समाज की महिलाएं चरित्रहीनता सहन नहीं करती हैं। वे खुद इस तरह के कामों से दूर रहती हैं और पुरुषों को भी ऐसा कुछ करने की इजाजत नहीं होती है। इस समाज के दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं न के बराबर हैं। इन पाबंदियों के बाद भी अगर कोई पुरुष या महिला ऐसी किसी चीज में शामिल पाई जाती है तो उसे सजा भी दी जाती है। कई मामलों में महिलाएं आत्महत्या तक कर लेती हैं।
कृष्ण पक्ष में खलते हैं अंधेरी
इस समुदाय के लोग अपराध की दुनिया में काफी सक्रिय रहते हैं। लेकिन, अपराध करने से पहले यह लोग मुहूर्त भी देखते हैं। समाज के ज्यादातर लोग कुष्ण पक्ष में चोरी या डकैती जैसी वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसा इसलिए भी किया जाता है क्योंकि कृष्ण पक्ष के दौरान रात में चांद नहीं दिखता है, अंधेरा रहता है। वारदात से पहले यह लोग मौके पर पहुंचकर अपनी कुल देवी की पूजा करते हैं या फिर शौच भी करते हैं। इसके बाद वारदात को अंजाम देते हैं। कुष्ण पक्ष में डकैती या चोरी करने को यह लोग 'अंधेरी खेलना' कहते हैं।
अपराध में शामिल रहती हैं महिलाएं
पारदी समाज की महिलाएं पुरुषों के साथ अपराध की दुनियां में शामिल रहती हैं। लेकिन, यह खुद किसी वारदात को अंजाम नहीं देती हैं। इनका काम रैकी करना होता है। महिलाएं बड़े शहरों की पॉश कॉलोनियों और चौराहों में रेकी करती हैं। इसके लिए ये महिलाएं चौराहों पर सामान बेचने और गाड़ी साफ करने के बहाने पैसे वाले लोगों को टारगेट करती हैं। इनके इशारे पर एक पुरुष तय टारगेट का पीछा कर कॉलोनी और घर तक पहुंचता है। इसके बाद महिलाएं घर तक पहुंचकर रेकी कर पूरी जानकारी जुटाती हैं, इसके बाद वारदात को अंजाम दिया जाता है। नोट- समाज की मान्यताओं को लेकर इस खबर में दी गई सभी जानकारी मीडिया रिपोट्स पर आधारित है।
अब जानिए, गुना में ऐसा क्या हुआ कि चर्चा में आया पादरी समाज
14 जुलाई को गुना पुलिस ने बीलाखेड़ी में रहने वाले देवा पारदी और उसके चाचा गंगाराम पारदी को हिरासत में लिया था। इसी दिन देवा की बारात जाने वाली थी, वह दूल्हे के रूप में सजा हुआ था। लेकिन, बारात रवाना होने से पहले पुलिस पहुंच गई और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि चोरी के सामान की बरामदगी के लिए देवा को ले जा रहे थे। इस दौरान उसके सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन, 45 मिनट चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। देवा की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया था। उसकी होने वाली दुल्हन ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया था।

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