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Cylinder Crisis: गुना में हाथ में शादी का कार्ड लेकर दूल्हा पहुंचा सिलिंडर लेने, शादी से पहले आई परेशानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: गुना ब्यूरो Updated Fri, 17 Apr 2026 04:46 PM IST
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सार

गुना में शादियों के सीजन में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से संकट गहरा गया है। दूल्हे और परिजन शादी कार्ड के साथ खाद्य विभाग पहुंचकर सिलेंडर की मांग कर रहे हैं। सीमित आपूर्ति के चलते परेशानी बढ़ रही है और प्रशासन समाधान के प्रयास में जुटा है।

Cylinder crisis cripples weddings; grooms line up at government offices in Guna, pleading with cards.
खाद्य ऑफिस में दूल्हा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गुना शहर में इन दिनों शादियों का मौसम चरम पर है, लेकिन बैंड-बाजे और बारात की रौनक के बीच एक अनोखी समस्या ने दूल्हों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। यह चिंता कमर्शियल गैस सिलिंडरों की भारी कमी की है, जिसने शादी समारोहों की तैयारियों को प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि दूल्हे अब शेरवानी की फिटिंग छोड़कर हाथ में शादी का कार्ड और आवेदन लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं।

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शहर के खाद्य विभाग में इन दिनों अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां फाइलों से ज्यादा शादी के कार्ड जमा हो रहे हैं। रोजाना दर्जनों परिवार अपनी शादी की तारीख का हवाला देते हुए गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं। किसी को 4-5 सिलेंडर चाहिए तो कोई 20 से 25 सिलिंडरों की मांग कर रहा है। बड़े समारोहों में, जहां मेहमानों की संख्या हजारों में होती है, वहां गैस की जरूरत और बढ़ जाती है।

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स्थिति को और जटिल बना दिया है मैरिज गार्डन संचालकों के बदले रवैये ने। वे अब गार्डन बुकिंग तो कर रहे हैं, लेकिन खाना बनाने की जिम्मेदारी से खुद को अलग कर रहे हैं। उनका कहना है कि गैस सिलिंडर उपलब्ध होने पर ही भोजन बन सकेगा। इसके चलते लोग डीजल, लकड़ी और कोयले जैसे विकल्पों की ओर भी देख रहे हैं, लेकिन हलवाइयों की पहली पसंद गैस सिलेंडर ही है।

पिछले कुछ दिनों में विभाग के पास बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचे हैं। अधिकारी भी स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि वे मांग के अनुसार आपूर्ति करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण एक परिवार को अधिक सिलिंडर देना संभव नहीं है। फिलहाल प्रति परिवार 5 से 6 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

दूसरी ओर, शादी वाले घरों में तनाव का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि पर्याप्त गैस के बिना भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कुछ लोग मजाक में यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि शादी का मुहूर्त तय हो गया, लेकिन रसोई का मुहूर्त अभी अटका हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का जल्द समाधान कैसे निकालता है, ताकि शादी समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें और खुशियों में कोई कमी न आए।

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