Guna Crime: देवी-देवता का ढोंग कर महिलाओं से ठगी करने वाले पर एक्शन, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गुना पुलिस ने ‘देवता आने’ का ढोंग कर महिलाओं को ठगने वाले राजू विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। आरोपी अंधविश्वास का डर दिखाकर जेवर उतरवाता था। तीन जिलों में सात वारदातें कबूलीं।
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गुना पुलिस ने अंधविश्वास का सहारा लेकर महिलाओं को ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान राजू उर्फ दीपक विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो खुद के शरीर में देवी-देवताओं के आने का ढोंग कर लोगों को झांसे में लेता था। वह गृह-शुद्धि और पारिवारिक बाधाओं को दूर करने का दावा कर महिलाओं से उनके कीमती आभूषण उतरवाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से सोने के जेवर और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है।
मामले का खुलासा 14 अप्रैल को चाचौड़ा क्षेत्र के बीनागंज में हुई एक ठगी की घटना के बाद हुआ। आरोपी खुद को परिवार का परिचित बताकर एक महिला के घर पहुंचा और मकान उद्घाटन का निमंत्रण देने का बहाना बनाया। घर में प्रवेश के बाद उसने महिला को मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित किया और परिवार में चल रही परेशानियों का हवाला देकर डर का माहौल बनाया। इसके बाद उसने दावा किया कि उसके शरीर में देवता आते हैं और वह गृह दोष दूर कर सकता है।
महिला आरोपी के झांसे में आ गई और उसके कहने पर अपने सोने के आभूषण मंगलसूत्र और टॉप्स उतारकर उसे दे दिए। मौका मिलते ही आरोपी वहां से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बीनागंज, राघौगढ़, ब्यावरा और अशोकनगर क्षेत्रों के सैकड़ों कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि आरोपी अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
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तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम अशोकनगर पहुंची, जहां दुबे कॉलोनी में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से इस तरह की ठगी कर रहा था और गुना, राजगढ़ व शिवपुरी जिलों में कुल सात वारदातें कर चुका है।
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात करता था। वह बिना नंबर की स्कूटी का इस्तेमाल करता था ताकि पहचान से बच सके और अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था। अंधविश्वास और डर का माहौल बनाकर वह उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करता और फिर उनके जेवर लेकर फरार हो जाता था। इस कार्रवाई में पुलिस टीम और साइबर सेल की अहम भूमिका रही। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे अन्य मामलों के संबंध में और जानकारी जुटाई जा सके।

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