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Gwalior: 'पार्टी के भीतरघात ने हराया चुनाव' दतिया उपचुनाव में हार के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी का बड़ा बयान
Tue, 04 Aug 2026 08:39 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
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Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 08:39 PM IST
सार
भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री इमरती देवी ने दतिया उपचुनाव में हार के लिए पार्टी के भीतरघात को जिम्मेदार ठहराया है। उनके बयान के बाद सियासी हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
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पूर्व मंत्री इमरती देवी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद पार्टी के भीतर मंथन का दौर जारी है। इसी बीच भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री इमरती देवी ने चुनाव परिणाम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव जीत रही थी लेकिन पार्टी के ही कुछ लोगों के भीतरघात के कारण हार का सामना करना पड़ा।
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इमरती देवी ने कहा- हम चुनाव अच्छे तरीके से जीत रहे थे लेकिन हमारी ही पार्टी के कुछ लोगों ने भीतरघात कर चुनाव हरवा दिया। ऐसे लोगों से पार्टी को सावधान रहने की जरूरत है। पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद भाजपा की अंदरूनी राजनीति और संगठनात्मक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को हराकर सीट अपने नाम की है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया था। इसके बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
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चुनाव परिणाम के बाद भाजपा संगठन हार के कारणों की समीक्षा की बात कह रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी, संगठनात्मक असंतोष, कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता, टिकट वितरण के बाद असहमति तथा चुनावी समन्वय की कमी जैसे कारण भाजपा के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इन कारणों की आधिकारिक पुष्टि पार्टी की ओर से नहीं की गई है।
इमरती देवी ने अपने बयान में किसी नेता या कार्यकर्ता का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है, जिन्होंने चुनाव के दौरान संगठन के हितों के विपरीत काम किया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पूर्व मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा संगठन आत्ममंथन में जुटा हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व भीतरघात के आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और समीक्षा के बाद संगठनात्मक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
