{"_id":"69d23048dab0dc558d09f5df","slug":"the-wife-who-is-21-years-older-than-her-husband-said-she-would-not-live-with-him-the-high-court-granted-her-permission-to-live-with-her-boyfriend-gwalior-news-c-1-1-noi1227-4128649-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: 'मेरा पति 21 साल बड़ा, मैं साथ नहीं रहूंगी', युवती की दलील सुन हाईकोर्ट ने बॉयफ्रेंड संग रहने की दी इजाजत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: 'मेरा पति 21 साल बड़ा, मैं साथ नहीं रहूंगी', युवती की दलील सुन हाईकोर्ट ने बॉयफ्रेंड संग रहने की दी इजाजत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 05:38 PM IST
विज्ञापन
सार
ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ में 19 वर्षीय युवती ने पति के बजाय प्रेमी संग रहने की इच्छा जताई। कोर्ट ने उसकी इच्छा को प्राथमिकता देते हुए अनुमति दी और 6 माह निगरानी हेतु ‘शौर्या दीदी’ नियुक्त की। हैबियस कॉर्पस याचिका का इसी के साथ निस्तारण किया गया।
मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का फैसला
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में एक अनोखा मामला सामने आया है। कोर्ट में 19 साल की युवती ने अपने से 21 साल बड़े पति के साथ वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाने की बात कहते हुए बॉयफ्रेंड के साथ रहने की इच्छा जताई। युवती की इच्छा पर कोर्ट ने उसे अपने प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दी। साथ ही 6 महीने की निगरानी के लिए ‘शौर्या दीदी’ की नियुक्ति भी की गई। मामला हैबियस कॉर्पस से जुड़ी याचिका का है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की युगलपीठ ने यह फैसला सुनाया।
Trending Videos
युवती के पति अवधेश की ओर से यह याचिका अधिवक्ता सुरेश पाल सिंह गुर्जर ने दायर की थी। आरोप था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार ने अवैध रूप से अपने पास रखा है। युवती को पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर में रखा था। सुनवाई के दौरान युवती को वन स्टॉप सेंटर से सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह सिकरवार, हेड कांस्टेबल अखिलेश सेंथिया और लेडी कांस्टेबल भावना द्वारा कोर्ट में पेश किया गया। युवती के माता-पिता, पति अवधेश और प्रेमी अनुज भी कोर्ट में मौजूद रहे। सभी की मौजूदगी में मामले की सुनवाई की गई और न्यायाधीश ने युवती की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- पति ने पत्नी को जिंदा जलाने की कोशिश, इलाके में फैली सनसनी; लंबे समय से चल रहे विवाद की क्या थी वजह?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने युवती से उसकी इच्छा पूछी। युवती ने साफ कहा कि वह बालिग है, किसी अवैध बंधन में नहीं है और अपनी मर्जी से रह रही है। उसने पति और अपने माता-पिता, दोनों के साथ रहने से इनकार कर दिया। युवती ने बताया कि उसकी उम्र 19 साल है, जबकि पति की उम्र 40 साल है। इस 21 साल के अंतर के कारण वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाया और उसके साथ दुर्व्यवहार भी हुआ। कोर्ट के निर्देश पर शासकीय अधिवक्ता अंजलि ज्ञानानी ने युवती की काउंसलिंग की, लेकिन काउंसलिंग के बाद भी उसने अपने बॉयफ्रेंड अनुज के साथ रहने की इच्छा दोहराई। अनुज ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह युवती की पूरी देखभाल करेगा और किसी तरह की प्रताड़ना नहीं देगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका का उद्देश्य समाप्त हो चुका है।
कोर्ट ने युवती को अनुज के साथ जाने की अनुमति देते हुए अंजलि ज्ञानानी और लेडी कांस्टेबल भावना को अगले 6 महीने के लिए ‘शौर्या दीदी’ नियुक्त किया, जो युवती के संपर्क में रहकर उसकी सुरक्षा, भलाई और मार्गदर्शन सुनिश्चित करेंगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि युवती को वन स्टॉप सेंटर, कंपू ग्वालियर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुक्त किया जाए। इसी के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया गया।

कमेंट
कमेंट X