सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Dhar Bhojshala: Kamal Maula Society approached the Supreme Court in the Bhojshala case and filed a petition.

Dhar Bhojshala: भोजशाला मामले में कमाल मौला सोसायटी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, लगाई याचिका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Tue, 26 May 2026 07:12 AM IST
विज्ञापन
सार

धार भोजशाला विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इंदौर हाईकोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दायर की है। पहले शहर काजी के बाद अब कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।

Dhar Bhojshala: Kamal Maula Society approached the Supreme Court in the Bhojshala case and filed a petition.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भोजशाला का मामला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। पिछले शुक्रवार को एक शहर काजी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।



अब कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पिछली याचिका पर अभी तक हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई है। धार भोजशाला को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। अब मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई हो सकती है। यह याचिका कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी की तरफ से लगाई गई है। भोजशाला मामले को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से कैविएट दायर की गई है, ताकि उनका पक्ष सुने बिना स्थगन न दिया जा सके। कैविएट में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट उनका पक्ष भी सुने।
विज्ञापन
विज्ञापन



'सरकारी रिकॉर्ड में मस्जिद के नाम से खसरे दर्ज हैं'
कमाल मौला मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल समद का सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका पर कहना है कि मुस्लिम समाज 700 साल से परिसर में नमाज पढ़ता आ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में मस्जिद के नाम से खसरे दर्ज हैं।
विज्ञापन
Trending Videos


पहले खुद एएसआई परिसर को कमाल मौला मस्जिद बताता आया है, लेकिन अब रिपोर्ट में मंदिर बताया गया है। भोजशाला में किए गए एएसआई के सर्वे को उन्होंने पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में भी यह बात रखी गई थी, लेकिन फैसला उनके पक्ष में नहीं आया। अब वे सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed