Indore News: जलसंकट से नाराज विधायक हार्डिया के बदले सुर, बोले- नाराजगी मेरी नहीं जनता की थी
जलसंकट को लेकर भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया की नाराजगी दूर हो गई है। पिछले दिनों वे एक कार्यक्रम बीच में छोड़ दिया था। बुधवार को हार्डिया और भाजपा नेता महापौर के निवास पहुंचे, जहां दोनों के बीच पुराने गिले-शिकवे दूर हुए। चलिए जानते हैं और क्या-क्या हुआ?
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जलसंकट को लेकर स्थानीय राजनीति भी गरमाने लगी है। कांग्रेस के पार्षद जगह-जगह जलसंकट को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया जलसंकट को लेकर मुखर हो गए थे और एक कार्यक्रम बीच में छोड़कर आ गए थे। उन्होंने जलसंकट के मुद्दे पर महापौर को भी घेरा था।
इस मामले को भाजपा संगठन ने गंभीरता से लिया और बुधवार सुबह भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के साथ भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया मेयर के निवास पर पहुंचे। उन्होंने पहले दुपट्टा डालकर मेयर का स्वागत किया और फिर गले भी मिले। दोनों के गिले-शिकवे दूर हो गए। आपको बता दें कि तीन दिन पहले एक वार्ड के कार्यक्रम में हार्डिया जलसंकट को लेकर नाराज हो गए थे और कहा था कि इतने वर्षों से वह विधायक हैं। पहली बार जलसंकट को लेकर जनता इतनी परेशान है। लोग समस्या लेकर रोज़ आते हैं। इसके बाद वे मेयर की मौजूदगी में कार्यक्रम को छोड़कर आ गए थे।
'चाय पीने आए थे'
महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा, "महेंद्र हार्डिया हमारे विधायक हैं और मेरे लिए सम्मानीय हैं। वे समय-समय पर चाय पीने आते हैं। आज भी चाय पीने आए और कहा कि उन्हें एक विषय गलत ब्रीफ हो गया था। हमने कहा कि पार्टी और हम मिलकर शहरहित में काम कर रहे हैं। जो भी समस्या आती है, वे हमें बताएंगे। हम उनके पुराने अनुभवों का लाभ लेंगे"।
'मेरी नाराजगी नहीं थी'
वहीं, विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा, "इंदौर के महापौर हैं, मैं विधायक हूँ। अक्सर मिलने आते रहते हैं। नाराजगी मेरी नहीं, जनता की थी। मेरी मेयर से बात हो चुकी है। एक-दो दिन में रिजल्ट आ जाएंगे"।

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