Indore: इंदौर तैयार हो जाइए... जुलाई में झमाझम बारिश के आसार, 20 साल का रिकॉर्ड बढ़ा रहा उम्मीद
इंदौर में जून महीने में सामान्य से कम बारिश होने के बाद अब जुलाई में अच्छी वर्षा की उम्मीद बढ़ गई है। 30 जून से आषाढ़ माह की शुरुआत के साथ मौसम विभाग ने मानसून की रफ्तार बढ़ने के संकेत दिए हैं। इस साल जून में 147.3 मिमी के औसत के मुकाबले केवल 112.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 33.9 मिमी कम है।
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जून महीने में देर से पहुंचे मानसून, कम बारिश, तेज धूप और उमस ने लोगों के साथ-साथ किसानों की भी मुश्किलें बढ़ा दीं। अब 30 जून से आषाढ़ माह की शुरुआत के साथ जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में मानसून रफ्तार पकड़ सकता है और जून की बारिश की कमी पूरी हो सकती है।
आषाढ़ माह के साथ बढ़ी अच्छी बारिश की उम्मीद
30 जून से भारतीय पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह शुरू हो गया है। आषाढ़ का महीना आमतौर पर अच्छी बारिश के लिए जाना जाता है। इस बार जून में मानसून देर से पहुंचा। शुरुआती बारिश के बाद लंबे समय तक बारिश नहीं हुई, जिससे तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। इंदौर में हर साल जून में अच्छी बारिश होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अब उम्मीद है कि जुलाई में अच्छी वर्षा होगी।
जून में कमी रही तो जुलाई-अगस्त ने हमेशा पूरी की भरपाई
पिछले दो दशकों के बारिश के रिकॉर्ड बताते हैं कि जब-जब जून में सामान्य से कम बारिश हुई, तब-तब जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश ने इसकी भरपाई की। इसी आधार पर इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में अच्छी बारिश होगी और जमीन की नमी बढ़ेगी। साथ ही तालाब, पोखर, कुएं, बावड़ियां, नदियां और झरने भी लबालब भर जाएंगे।
दो दशक का रिकॉर्ड
जून में औसत से 33.9 मिमी कम बारिश
इंदौर में जून महीने की औसत वर्षा 147.3 मिलीमीटर (करीब 5.8 इंच) मानी जाती है। इस वर्ष जून में अब तक 112.2 मिलीमीटर (करीब 4.5 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 33.9 मिलीमीटर कम है।
एक ही जिले में बारिश का बड़ा अंतर
इस बार बारिश का वितरण भी समान नहीं रहा। शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र चोरल में लगभग सात इंच बारिश हो चुकी है और वहां नदी उफान पर है, जबकि इंदौर शहर में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। कम दूरी के बावजूद दोनों क्षेत्रों के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिला।
किसानों को बुवाई के लिए अच्छी बारिश का इंतजार
इंदौर कृषि कॉलेज के मौसम एवं कृषि विशेषज्ञ डॉक्टर आनंद हरसाना के अनुसार किसानों को चार से पांच इंच बारिश होने के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी जाती है। कुछ क्षेत्रों में बुवाई शुरू हो चुकी है, जबकि कई किसान अभी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
मालवा-निमाड़ में 40 प्रतिशत बुवाई पूरी
मालवा और निमाड़ क्षेत्र में करीब 40 प्रतिशत किसानों ने बुवाई कर दी है। हालांकि कई क्षेत्रों में बारिश रुकने के कारण खेती का काम प्रभावित हुआ है। डबलचौकी के किसान राजेंद्र सुनहरे ने बताया कि उन्होंने खेत के कुछ हिस्सों में बुवाई कर दी है, लेकिन बारिश की कमी के कारण पूरी बुवाई नहीं हो सकी। अब अच्छी बारिश का इंतजार है ताकि बाकी खेतों में भी बुवाई पूरी की जा सके।
दुकानदारों को भी अच्छी बारिश का इंतजार
बाजार में रेनकोट और छातों की दुकानें सज चुकी हैं। दुकानदारों का कहना है कि अच्छी बारिश होने पर ही बारिश से बचाव के सामान की बिक्री बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से मानसून की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। इसके चलते जुलाई महीने में अच्छी बारिश हो सकती है।
मंडला-इंदौर सर्कल पर रुका है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसून मंडला-इंदौर सर्कल पर सक्रिय है और जल्द ही प्रदेश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। 29 जून तक मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 11 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
