Indore News: अब बारिश में भी निगम भरेगा गड्ढे, नई तकनीक से इंदौर में किया पेचवर्क
पिछले साल बारिश में गड्ढों से छलनी हुई सड़कों और हादसों को लेकर आलोचना झेल चुके नगर निगम ने इस बार मानसून से पहले नई तैयारी शुरू कर दी है। इंदौर में पहली बार वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर तकनीक से पेचवर्क का ट्रायल किया जा रहा है।
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पिछले साल इंदौर में बारिश के दौरान सड़कों पर हुए गड्ढों और उनसे हुए हादसों को लेकर नगर निगम इंदौरवासियों के निशाने पर रहा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को खुद मोर्चा संभालकर कहना पड़ा था कि जल्द ही शहर की सड़कों को गड्ढों से मुक्त किया जाएगा।
इस साल बारिश शुरू होने से पहले ही नगर निगम ने नई तकनीक से सड़कों का पेचवर्क शुरू कर दिया है। शहर की डामर सड़कों की मरम्मत, गड्ढों के भराव और पेचवर्क कार्य को अधिक टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से विजय नगर चौराहे पर वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर तकनीक को अपनाया गया।
बारिश के मौसम में गर्म करके किए गए डामर से गड्ढों की मरम्मत नहीं हो पाती, क्योंकि इसके लिए सूखी सतह एवं गर्म मिश्रण की आवश्यकता होती है। वह पेचवर्क ज्यादा दिन नहीं टिकता। इसके विपरीत, वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर को सीधे गीले या पानी से भरे गड्ढों में बिना गर्म किए और सतह को सुखाए बगैर उपयोग किया जा सकता है। इसका पानी से सक्रिय होने वाला विशेष बाइंडर नमी के संपर्क में आते ही तेजी से सख्त होकर मजबूत पकड़ बनाता है, जिससे मरम्मत अधिक टिकाऊ हो जाती है।
इस तकनीक में विशेष रसायनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पेचवर्क अधिक समय तक टिक सके। यह तकनीक बारिश, ठंड और अधिक नमी वाले मौसम में भी प्रभावी रूप से कार्य करती है। मरम्मत के बाद सड़क तीन घंटे के भीतर यातायात के लिए खोली जा सकती है, जिससे ट्रैफिक में व्यवधान नहीं होता।
जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने कहा कि तकनीक के प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया। यदि यह मटेरियल उपयोगी पाया जाता है, तो शहर की सड़कों के मरम्मत कार्यों में इसके उपयोग पर विचार किया जाएगा।
