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Indore News: महिलाओं को निःशुल्क ड्राइविंग सिखाकर रोजगार से जोड़ा, ई रिक्शा भी दिलवाए

अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Thu, 19 Feb 2026 07:02 AM IST
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सार

Indore News: इंदौर में नि:शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण योजना की 14वीं बैच पूरी हुई, जिसमें 40 महिलाओं को प्रशिक्षित कर प्रमाणित ड्राइवर बनाया गया। अब तक 509 महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं और कई महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

indore news 40 Women Trained in Free Driving Program Total Beneficiaries Cross 500
महिलाओं को प्रमाण पत्र भी दिए गए। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार

महिला सशक्तिकरण की दिशा में इंदौर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। निर्धन और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए संचालित नि:शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण योजना की 14वीं बैच सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई। इस बैच में 40 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित ड्राइवर बनाया गया।
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यह योजना परिवहन विभाग और नंदानगर स्थित आईटीआई के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। अब तक कुल 509 महिलाएं इस प्रशिक्षण का लाभ ले चुकी हैं। पहले 13 बैचों में 469 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था, जबकि 14वीं बैच के साथ यह संख्या 500 के पार पहुंच गई है।

रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि कोविड-19 के बाद उत्पन्न रोजगार संकट को ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरू की गई थी। झुग्गी-बस्तियों और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए यह योजना नई उम्मीद बनकर सामने आई है। कई महिलाएं अब ई-रिक्शा चलाकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जबकि कुछ वाहन शोरूम और निजी संस्थानों में ड्राइवर या सहायक के रूप में कार्यरत हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आरटीओ प्रदीप शर्मा, आईटीआई के प्रभारी अधिकारी निखिल पंडित, संयुक्त संचालक कौशल विकास सतीश मोरे और प्राचार्य श्रीमती रीना सोलंकी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

चरणबद्ध और व्यावहारिक प्रशिक्षण व्यवस्था
एआरटीओ अर्चना मिश्रा के अनुसार प्रशिक्षण पूरी तरह चरणबद्ध और व्यावहारिक है। पहले ड्राइविंग सिम्युलेटर पर बेसिक कंट्रोल सिखाया जाता है, इसके बाद वास्तविक ट्रैक पर अभ्यास कराया जाता है। प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, वाहन रखरखाव और व्यवहारिक परिस्थितियों की जानकारी भी दी जाती है। लर्निंग लाइसेंस से लेकर परमानेंट लाइसेंस तक की पूरी प्रक्रिया विभाग द्वारा कराई जाती है।

सीएसआर फंड से ई-रिक्शा सहायता दे रहे
इस योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। अब तक 27 महिलाओं को सीएसआर फंड के माध्यम से 25-25 हजार रुपये की सहायता प्रदान कर ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। 14वीं बैच की दो जरूरतमंद महिलाओं को भी ई-रिक्शा दिलाने में सहायता की जाएगी। कार्यक्रम में महिला प्रशिक्षणार्थियों के साथ प्रशिक्षक राजीव रंजन तिवारी, कृपाशंकर सक्सेना, सीताराम रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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