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Indore News: इंदौर में रातभर बारिश, स्कूलों में कम हुई संख्या, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 19 Feb 2026 09:15 AM IST
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सार
Indore News: मध्यप्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। इंदौर में रातभर हुई बारिश और ठंडी हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है।
इंदौर का मौसम
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मध्यप्रदेश में फरवरी के महीने में तीसरी बार मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते बुधवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित किया। मौसम का यह बदला हुआ रूप गुरुवार सुबह भी जारी रहा। विशेष रूप से इंदौर में बीती रात गरज-चमक के साथ मूसलधार बारिश हुई, जिससे सुबह के समय ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया। ठंड और बारिश के चलते गुरुवार सुबह स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम देखी गई। इंदौर में बुधवार रात का पारा भी गिर गया और सामान्य से 2.5 डिग्री की गिरावट के साथ 15.2 पर आ गया। वहीं इससे पहले बुधवार को दिन का पारा 31.2 डिग्री पर रहा।
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कई जिलों में अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने इंदौर सहित प्रदेश के 8 महत्वपूर्ण जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को ग्वालियर, चंबल और मालवांचल के रतलाम, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और भिंड जैसे 20 से अधिक जिलों में मौसम का कड़ा प्रहार देखने को मिला था।
साइक्लोनिक सिस्टम और ट्रफ लाइन का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में मध्यप्रदेश के ऊपर एक साथ दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवाती तंत्र सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन भी प्रदेश के मध्य भाग से होकर गुजर रही है। वहीं राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, इन दोहरे चक्रवाती सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से ही प्रदेश के मौसम में यह अचानक परिवर्तन आया है। बुधवार को इस सिस्टम का सबसे व्यापक असर देखा गया था और संभावना जताई गई है कि गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में छिटपुट वर्षा और बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है।
फरवरी में तीसरी बार बदला मौसम
यह उल्लेखनीय है कि फरवरी माह की शुरुआत से अब तक प्रदेश को तीन बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा है। शुरुआती दो दौर में हुई तेज आंधी और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के सर्वे के आदेश भी दिए थे। अब 18 फरवरी से शुरू हुआ यह तीसरा दौर किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि, यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, लेकिन नमी के कारण वातावरण में ठंडक बनी हुई है।
एक सप्ताह बनी रहेगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल हल्की सर्दी का अहसास बना रहेगा। विशेषकर रात और सुबह के समय गुलाबी ठंड का असर रहेगा। अधिकांश शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की उम्मीद है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया जा सकता है। पिछले दो दिनों से कई शहरों में रात का पारा 17 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान की यह स्थिति अगले एक सप्ताह तक इसी तरह बनी रह सकती है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड का अनुभव होगा।
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कई जिलों में अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने इंदौर सहित प्रदेश के 8 महत्वपूर्ण जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को ग्वालियर, चंबल और मालवांचल के रतलाम, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी और भिंड जैसे 20 से अधिक जिलों में मौसम का कड़ा प्रहार देखने को मिला था।
साइक्लोनिक सिस्टम और ट्रफ लाइन का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में मध्यप्रदेश के ऊपर एक साथ दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी चक्रवाती तंत्र सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन भी प्रदेश के मध्य भाग से होकर गुजर रही है। वहीं राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, इन दोहरे चक्रवाती सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने से ही प्रदेश के मौसम में यह अचानक परिवर्तन आया है। बुधवार को इस सिस्टम का सबसे व्यापक असर देखा गया था और संभावना जताई गई है कि गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में छिटपुट वर्षा और बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है।
फरवरी में तीसरी बार बदला मौसम
यह उल्लेखनीय है कि फरवरी माह की शुरुआत से अब तक प्रदेश को तीन बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा है। शुरुआती दो दौर में हुई तेज आंधी और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के सर्वे के आदेश भी दिए थे। अब 18 फरवरी से शुरू हुआ यह तीसरा दौर किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा रहा है। हालांकि, यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, लेकिन नमी के कारण वातावरण में ठंडक बनी हुई है।
एक सप्ताह बनी रहेगी ठंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल हल्की सर्दी का अहसास बना रहेगा। विशेषकर रात और सुबह के समय गुलाबी ठंड का असर रहेगा। अधिकांश शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की उम्मीद है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया जा सकता है। पिछले दो दिनों से कई शहरों में रात का पारा 17 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान की यह स्थिति अगले एक सप्ताह तक इसी तरह बनी रह सकती है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड का अनुभव होगा।
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