फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Bills were approved despite work not being executed on-site; the net tightens in the ₹100 crore f

Indore News:काम मौके पर हुए नहीं और बिल होते रहे मंजूर, 100 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले में शिकंजा तेज

Mon, 27 Jul 2026 09:02 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Mon, 27 Jul 2026 09:02 PM IST
सार

इंदौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज करते हुए विशेष कोर्ट में 32 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार से अधिक पृष्ठों का चालान पेश किया है। ईडी ने इस घोटाले में 32 आरोपी बनाए है।

विज्ञापन
Indore News: Bills were approved despite work not being executed on-site; the net tightens in the ₹100 crore f
इंदौर नगर निगम में घोटाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष कोर्ट में 32 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार से अधिक पृष्ठों का चालान पेश किया है। ईडी के अनुसार, इन आरोपियों ने पांच वर्षों में नगर निगम के खजाने में सेंध लगाकर करीब 100 करोड़ रुपये निकाल लिए। मामले में अब तक 59 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है और आगे भी कार्रवाई जारी है।

विज्ञापन

 

इंदौर नगर निगम में डेढ़ साल पहले सामने आए फर्जी बिल घोटाले को लेकर अब ईडी ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार को विशेष कोर्ट में 32 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया। 20 हजार से अधिक पृष्ठों के इस चालान में कई ऐसे दस्तावेजी साक्ष्य शामिल हैं, जो आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

विज्ञापन


 

घोटाले को अंजाम देने वालों में ठेकेदार, अधिकारी और लेखा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। अब तक ईडी इस मामले में 59 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इस कांड के मुख्य आरोपी अभय राठौर सहित तीन लोग फिलहाल जेल में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

आरोपियों ने उन कार्यों की फाइलें तैयार कर नगर निगम के खजाने से भुगतान निकाल लिया, जो कभी हुए ही नहीं। फर्जी वर्क ऑर्डर, जाली बिल, फर्जी मापन पुस्तिकाओं (एमबी) और झूठे पूर्णता प्रमाण-पत्रों के आधार पर ठेकेदारों के खातों में राशि पहुंचती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। करीब पांच वर्षों में आरोपियों ने नगर निगम के खजाने से लगभग 100 करोड़ रुपये निकाल लिए।


 

कार से हो गई थी फाइल चोरी

आरोपियों ने जिन फाइलों के जरिए भुगतान निकाला था, उन्हें बाद में गायब भी कर दिया जाता था। शिकायत मिलने पर ड्रेनेज विभाग के कार्यपालन यंत्री ने संबंधित फाइलें अपनी कार में रख ली थीं, लेकिन बाद में कार से वे फाइलें चोरी हो गईं। इसकी शिकायत एमजी रोड थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed