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Indore News: गंभीर नदी के लिए प्रशासन का मेगाप्लान, इंदौर में पानी की किल्लत खत्म करने में मिलेगी मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 01 Jun 2026 06:17 AM IST
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सार
गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना अब धरातल पर उतरने लगी है। इस अभियान के तहत उद्गम क्षेत्र के उपचार, चेकडैम निर्माण, वृक्षारोपण और जल गंगा संवर्धन अभियान के समन्वय से मालवा की इस जीवनरेखा को पुनर्जीवित करने की समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है।
जानापाव से निकलने के बाद कुछ ही दूरी पर नदी सूख जाती है।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर पवित्र जानापाव धाम से की गई गंभीर नदी पुनर्जीवन की घोषणा अब धरातल पर प्रभावी रूप से आकार ले रही है। इसी क्रम में प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता तेज हो गई है। गंभीर नदी के उद्गम क्षेत्र सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं, नदी तटों, प्रस्तावित चेकडैम स्थलों, जलग्रहण क्षेत्र उपचार कार्यों तथा भूजल पुनर्भरण के लिए बड़े स्तर पर योजना प्रस्तावित की गई है। सीएम के निर्देशानुसार स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नदी पुनर्जीवन कार्यों को मिशन मोड में संचालित करते हुए जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के स्थायी परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करना और जल स्रोतों को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करना है।
मालवा अंचल की जीवनरेखा और जनभागीदारी
इसी सप्ताह कलेक्टर शिवम वर्मा ने गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थलों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और संभावनाओं का जायजा लिया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मैदानी हकीकत को देखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि गंभीर नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि मालवा अंचल की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर गंभीर नदी को पुनः अविरल और निर्मल बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है।
विभिन्न योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी
कलेक्टर ने बताया कि नदी तटों पर वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडैम, लूज बोल्डर संरचनाएं, रिचार्ज शाफ्ट, खेत तालाब तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों की संभावनाओं पर विस्तृत योजनाएं तैयार की गई हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मनरेगा, जल गंगा संवर्धन अभियान एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से अधिकतम जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने गंभीर नदी पुनर्जीवन के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है और प्रस्तावित संरचनाओं और ग्रामवार हस्तक्षेपों की जानकारी भी जुटा ली गई है।
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भविष्य के लिए जल सुरक्षा का लक्ष्य
कलेक्टर वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा क्षेत्र में भूजल स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है। गंभीर नदी का पुनर्जीवन केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे समय रहते पूरा करना आवश्यक है।
मालवा अंचल की जीवनरेखा और जनभागीदारी
इसी सप्ताह कलेक्टर शिवम वर्मा ने गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थलों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और संभावनाओं का जायजा लिया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मैदानी हकीकत को देखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि गंभीर नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि मालवा अंचल की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर गंभीर नदी को पुनः अविरल और निर्मल बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है।
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विभिन्न योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी
कलेक्टर ने बताया कि नदी तटों पर वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडैम, लूज बोल्डर संरचनाएं, रिचार्ज शाफ्ट, खेत तालाब तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों की संभावनाओं पर विस्तृत योजनाएं तैयार की गई हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मनरेगा, जल गंगा संवर्धन अभियान एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से अधिकतम जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने गंभीर नदी पुनर्जीवन के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है और प्रस्तावित संरचनाओं और ग्रामवार हस्तक्षेपों की जानकारी भी जुटा ली गई है।
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कलेक्टर वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा क्षेत्र में भूजल स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है। गंभीर नदी का पुनर्जीवन केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे समय रहते पूरा करना आवश्यक है।

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