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Indore News: सरकारी अस्पताल के लिए 773 करोड़ का प्रोजेक्ट, 9 मंजिला इमारत में लगेंगी हाईटेक मशीनें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Sun, 14 Jun 2026 12:05 PM IST
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सार

इस आधुनिक चिकित्सा परिसर में 1600 से अधिक अतिरिक्त बेड, 500 बेड का नर्सिंग हॉस्टल और विशाल पार्किंग की अत्याधुनिक व्यवस्था उपलब्ध होगी।

Indore News Construction For New MYH Hospital Building medical college
MYH की नई बिल्डिंग के लिए काम शुरू। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार

इंदौर के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में बुनियादी ढांचे को बदलने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अस्पताल की एक नई विशाल इमारत का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 773 करोड़ रुपये आंकी गई है। लगभग 10 एकड़ के विस्तृत भूभाग पर आकार लेने वाली इस नई आधुनिक बहुमंजिला इमारत को तीन बड़े और अलग-अलग ब्लॉक के रूप में विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य को गति देने के लिए प्रारंभिक चरण में ही कार्यस्थल से पुरानी मिट्टी और मलबे को हटाया जा चुका है। इसके साथ ही जमीन की भार वहन क्षमता और मजबूती का सटीक आकलन करने के लिए वहां की मिट्टी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं।


पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ों का किया जाएगा वैज्ञानिक ट्रांसप्लांटेशन
महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि इस विस्तृत सरकारी परिसर में कई दशकों से लगे हुए पुराने और बड़े पेड़ों को काटने के बजाय उन्हें सुरक्षित रूप से अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इस अनूठी पर्यावरण-अनुकूल पहल के तहत अब तक कुल 19 बड़े छायादार पेड़ों को चिन्हित किया जा चुका है। इन सभी पेड़ों को चिकित्सा परिसर के ही अंतर्गत आने वाले एमआरटीबी अस्पताल के खुले मैदान में पूरी वैज्ञानिक पद्धति और विधिवत प्रक्रिया के साथ दोबारा रोपा जाएगा। नए स्थान पर पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने के लिए भूमि की खुदाई का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है ताकि वर्षाकाल के इस मौसम में स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र और हरियाली का संतुलन पूरी तरह बना रहे।
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जर्जर सरकारी आवासों को ढहाने और विस्थापन की प्रक्रिया जारी
नई बहुमंजिला इमारत के लिए निर्धारित किए गए भूखंड के दायरे में आने वाले अधिकांश पुराने और जर्जर हो चुके सरकारी क्वाटरों को जमींदोज कर दिया गया है। इन टूटे हुए ढांचों का मलबा साफ करने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है और अनुमान है कि अभी करीब 500 डम्पर मलबा और साफ किया जाना शेष है। इसके अतिरिक्त आने वाले दिनों में दवा बाजार के ठीक सामने स्थित केईएच कम्पाउंड के कुछ अन्य चिन्हित क्वाटरों को भी ढहाया जाना प्रस्तावित है। इस तोड़े जाने वाले क्षेत्र में निवास कर रहे शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रशासन की ओर से रहने के लिए वैकल्पिक स्थान और आवास आवंटित किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय रहवासियों ने व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए प्रशासन से अपना सामान स्थानांतरित करने के लिए दो महीने की अतिरिक्त समय-सीमा की मांग की है।
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तीन ब्लॉक और नौ मंजिला होगी नई आधुनिक चिकित्सा इमारत
आगामी समय में बनने वाले इस नए अस्पताल परिसर का स्वरूप वर्तमान व्यवस्था से पूरी तरह अलग और अत्यधिक सुविधाजनक होगा। वर्तमान में संचालित एमवाय अस्पताल की पुरानी इमारत में सभी सामान्य वार्ड, प्रशासनिक कार्यालय और आपातकालीन ट्रामा सेंटर एक ही ब्लॉक के भीतर संकुचित रूप से संचालित होते हैं। इसके विपरीत नई प्रस्तावित इमारत भूतल को मिलाकर कुल नौ मंजिला ऊंची होगी, जिसे तीन सर्वसुविधाजनक ब्लॉक में विभाजित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए जिस सटीक भौगोलिक स्थान का चयन किया गया है, वहां से बच्चों का चाचा नेहरू अस्पताल, सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल और कैंसर केयर अस्पताल बेहद नजदीक स्थित हैं। इस रणनीतिक जुड़ाव के कारण गंभीर मरीजों को एक चिकित्सा इकाई से दूसरी विशेष चिकित्सा इकाई में स्थानांतरित करने में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।

भविष्य की जरूरतों को देखकर तैयार हुआ 773 करोड़ का मेगा बजट
इस भव्य चिकित्सा परिसर के निर्माण और विकास कार्यों पर कुल 773.73 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। इस आवंटित बजट के अंतर्गत न केवल 1600 बिस्तरों वाले मुख्य अस्पताल की मुख्य इमारत तैयार होगी, बल्कि नर्सिंग स्टाफ के लिए 500 बिस्तरों की क्षमता वाला एक आधुनिक नर्सिंग हॉस्टल और वाहनों के लिए विशाल पार्किंग जोन भी बनाया जाएगा। इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने की मुख्य जिम्मेदारी मध्य प्रदेश भवन निर्माण निगम लिमिटेड, भोपाल को सौंपी गई है। वहीं दूसरी तरफ इस आधुनिक चिकित्सा परिसर की वास्तुकला, आंतरिक डिजाइन और तकनीकी परामर्श की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नई दिल्ली की एक नामचीन कंसल्टेंसी संस्था को दी गई है।

अगले 50 वर्षों की चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुरूप बदलाव
चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नए अस्पताल के मास्टर प्लान को इंदौर और आसपास के जिलों की अगले 50 वर्षों की संभावित आबादी और स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर पूरी तरह अपडेट किया गया है। वर्तमान आंकड़ों पर नजर डालें तो एमवाय अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग अर्थात ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 2500 से अधिक मरीज अपना इलाज कराने आते हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में गंभीर मरीज हमेशा वार्डों में भर्ती रहते हैं। मरीजों के इसी निरंतर बढ़ते अत्यधिक दबाव और पुरानी पड़ चुकी जर्जर बिल्डिंग की सीलन की समस्याओं को देखते हुए बेड क्षमता को भविष्य में 1700 तक विस्तारित करने की योजना है, जिसके लिए आने वाले समय में 773 करोड़ रुपये के इस मौजूदा सरकारी बजट को और अधिक बढ़ाया जा सकता है।
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