सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore news DAVV campus faces water crisis Narmada water jal sankat

DAVV: यूनिवर्सिटी में नर्मदा की टंकी फिर भी हजारों छात्र प्यासे, शहर को बंट रहा पानी, टैंकरों के भरोसे कैंपस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Thu, 14 May 2026 03:47 PM IST
विज्ञापन
सार

DAVV: इंदौर के डीएवीवी कैंपस में भीषण जल संकट चल रहा है। वहीं परिसर में निगम की 25 लाख लीटर की टंकी होने के बावजूद नर्मदा जल नहीं मिल रहा है। 14 हजार छात्रों और 13 हॉस्टलों के लिए प्रतिदिन 20 टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।

Indore news DAVV campus faces water crisis Narmada water jal sankat
डीएवीवी तक्षशिला परिसर। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के जिस तक्षशिला कैंपस से नगर निगम शहर को नर्मदा के पानी की आपूर्ति कर रहा है, उसी स्थान पर वर्तमान में बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। विडंबना यह है कि विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही नगर निगम की लगभग 25 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की विशाल टंकी स्थित है। इस टंकी के माध्यम से शहर के कई नजदीकी इलाकों में जल की नियमित सप्लाई की जा रही है, परंतु विश्वविद्यालय स्वयं इस सुविधा का लाभ उठाने से वंचित है। पिछले दो वर्षों के दौरान नर्मदा जल कनेक्शन प्राप्त करने के लिए दो बार आवेदन किए गए, लेकिन प्रक्रिया फाइलों में ही अटकी हुई है। वर्तमान में 14 हजार छात्र-छात्राओं और 13 हॉस्टल की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिदिन करीब 20 टैंकरों की सहायता लेनी पड़ रही है। गर्मी का प्रभाव बढ़ने के साथ ही कैंपस में स्थित बोरिंग का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है, जिससे यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
Trending Videos


बिना अनुमति नई टंकी का निर्माण
नगर निगम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से किसी भी प्रकार की पूर्व मंजूरी लिए बिना ही अमृत-2 योजना के अंतर्गत कैंपस में एक और बड़ी पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह नई टंकी आईटी पार्क के सामने और विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम के समीप बनाई जा रही है। इस सक्रियता के बावजूद विश्वविद्यालय को अब तक नर्मदा जल का वैध कनेक्शन नहीं मिल सका है। प्रशासन के अनुसार पांच-छह महीने पहले एक बड़े नल कनेक्शन के लिए आवेदन दिया गया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले भी एक वर्ष पूर्व किए गए आवेदन का कोई परिणाम नहीं निकला और वह सरकारी दस्तावेजों में ही दबा रह गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


निगम की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनकी अपनी जमीन पर पानी की टंकी होने के उपरांत भी उन्हें ही कनेक्शन देने में टालमटोल किया जा रहा है। नई टंकी के निर्माण हेतु नगर निगम ने कोई औपचारिक अनुमति लेना भी आवश्यक नहीं समझा। पूर्व कुलपति रेणु जैन के समय इस विषय पर मौखिक आपत्ति दर्ज कराई गई थी, किंतु उनके जाने के तुरंत बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया।

सर्वे के बाद भी अटकी कार्यवाही
यूनिवर्सिटी के इंजीनियर नगेंद्र सोहनी के अनुसार गर्मी बढ़ते ही पानी की किल्लत बढ़ गई है और रोजाना 20 टैंकर बुलवाए जा रहे हैं। दो साल में दो बार आवेदन करने के बाद पिछले साल वीसी बंगले और गर्ल्स हॉस्टल के पास संपवेल का निर्माण भी कराया गया था ताकि पानी मिलने पर उसका भंडारण किया जा सके। नगर निगम की टीम ने मौके पर आकर सर्वे भी कर लिया है, लेकिन लिखित रूप में औपचारिकताएं आगे नहीं बढ़ाई गई हैं।

कैंपस की विशाल जनसंख्या और घटते संसाधन
कैंपस में वर्तमान में 36 विभाग संचालित हैं जिनमें 14 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। आईईटी कैंपस सहित यहां 13 हॉस्टल और 200 से अधिक आवासीय मकान हैं। इनकी जलापूर्ति केवल बोरिंग और टैंकरों पर टिकी है। परिसर में मौजूद 20 बोरिंग में से कई सूख चुकी हैं। कैंपस के आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा कनेक्शन है पर विश्वविद्यालय इससे अछूता है। आईईटी में भी रोजाना टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे का कहना है कि टंकी हमारे कैंपस में है पर पानी नहीं मिल रहा। दूसरी ओर निगम के एडिशनल कमिश्नर आशीष पाठक ने कहा कि उनके संज्ञान में आवेदन का मामला नहीं है और बल्क कनेक्शन के लिए प्रक्रिया का पालन करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed