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Indore news:इंदौर में ई रिक्शा बेलगाम, न तय किराए से चलते है, न रुट के हिसाब से

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Sun, 12 Apr 2026 07:54 PM IST
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सार

इंदौर शहर में तेजी से बढ़ते ई-रिक्शा अब यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। तय नियमों और किराए की अनदेखी, मनमाना संचालन और प्रशासनिक ढिलाई के चलते सड़कों पर अव्यवस्था का माहौल बन रहा है।

Indore news: E-rickshaws are unruly in Indore, neither plying on fixed fares nor on routes.
प्रतिबंध के बावजूद राजवाड़ा पर ई रिक्शा खड़े। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

इंदौर की सड़कों पर दस हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चल रहे हैं, और उनमें से ज्यादातर बिना नियमों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। वे सड़क पर कहीं भी सवारी के लिए खड़े हो जाते हैं। परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा का किराया तय किया है, लेकिन चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। डेढ़ साल पहले किराए को लेकर आदेश जारी हुआ था, जिसमें दो किलोमीटर तक प्रति यात्री दस रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर पांच रुपये किराया तय किया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण इसका पालन नहीं हो रहा है।

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शहर में ई-रिक्शा के लिए कुछ रूट तय किए गए थे, लेकिन उनका पालन भी नहीं किया जा रहा है। इंदौर में कई रूटों पर ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनके लिए निर्धारित स्टैंड नहीं हैं। इस कारण वे कहीं भी खड़े हो जाते हैं। चौराहों पर लेफ्ट टर्न पर भी कई बार ई-रिक्शा खड़े नजर आते हैं। चार किलोमीटर के लिए 80 से 100 रुपये तक किराया वसूला जा रहा है। मनमाने किराए को लेकर कई बार यात्रियों के साथ बदसलूकी भी होती है। कई चालक ई-रिक्शा का उपयोग कबाड़ और सब्जी बेचने के लिए भी कर रहे हैं।

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प्रतिबंध के बावजूद स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है

 भोपाल में ई-रिक्शा दुर्घटना के बाद इंदौर और भोपाल में स्कूली बच्चों के परिवहन पर रोक लगाई गई थी, लेकिन कई छोटे स्कूल अब भी ई-रिक्शा का उपयोग कर रहे हैं। इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में ई-रिक्शा की आवाजाही और पार्किंग पर प्रतिबंध है, फिर भी वहां ई-रिक्शा खड़े देखे जा सकते हैं।

 

शहर में चल रहे ई-रिक्शा का पंजीयन कराने का निर्णय प्रशासन ने लिया है, जिसके लिए 15 अप्रैल तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद बिना पंजीयन वाले ई-रिक्शा पर चालान किया जाएगा। ई-रिक्शा संचालन के लिए शहर को चार सेक्टरों में बांटा गया है। पंजीकृत ई-रिक्शा को नंबर देकर उनके रूट तय किए जाएंगे। इंदौर बैटरी ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के अध्यक्ष राजेश बिड़कर ने बताया कि चालकों को 15 अप्रैल से पहले पंजीयन कराने के लिए कहा गया है और इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है।

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