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Indore News: ब्रेनडेड के बाद 34 साल के इंजीनियर ने दी 3 लोगों को नई जिंदगी, इंदौर में बना 67वां ग्रीन कॉरिडोर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Tue, 24 Mar 2026 08:50 PM IST
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सार

Indore News: शुजालपुर निवासी 34 वर्षीय इंजीनियर अनुपम नालमे के ब्रेनडेड होने के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। अंगों के परिवहन के लिए इंदौर में 67वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। 

Indore News engineer from Shujalpur saves three lives through organ donation
इंजीनियर अनुपम नालमे - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मानवता की एक मिसाल पेश की गई है जहां ब्रेन हेमरेज के कारण ब्रेनडेड घोषित किए गए शुजालपुर के एक 34 वर्षीय युवक के परिजन ने अंगदान का साहसिक निर्णय लिया। इस परोपकारी कार्य के चलते दो महिलाओं सहित तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिलना संभव हो सकी। संस्था मुस्कान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार ब्रेनडेड घोषित किए गए अंगदानी युवक की एक किडनी और एक लिवर सीएचएल हॉस्पिटल में उपचाराधीन दो महिला मरीजों को प्रत्यारोपित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त युवक की दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती एक पुरुष मरीज में किया जाएगा।
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इंदौर शहर का 67वां ग्रीन कॉरिडोर बना
अंगों को समय पर संबंधित अस्पतालों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इंदौर पुलिस और प्रशासन के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया। सीएचएल अस्पताल से शैल्बी अस्पताल तक किडनी पहुंचाने के लिए बनाया गया यह रास्ता इंदौर शहर का अब तक का 67वां ग्रीन कॉरिडोर साबित हुआ। सेवादार आर्य ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शुजालपुर के रहने वाले 34 वर्षीय अनुपम, जिनके पिता का नाम जगदीश नालमे है, उन्हें गंभीर ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गहन परीक्षण के बाद अनुपम को ब्रेनडेड घोषित कर दिया था।

राजकीय सम्मान दिया जाएगा
मुस्कान संस्था के काउंसलर संदीपन आर्य के मुताबिक पेशे से इंजीनियर अनुपम नालमे के परिवार ने संभावित अंगदान की प्रक्रिया के लिए मुस्कान ग्रुप के सेवादारों से संपर्क साधा था। सकारात्मक काउंसलिंग और परिवार की इच्छाशक्ति के कारण अंगदान की आधिकारिक मंजूरी प्राप्त हुई। इस पुनीत कार्य में दिवंगत के पिता जगदीश, बुआ डॉ वर्षा और भाइयों अनुराग व जुबीन नालमे का विशेष सहयोग रहा। 

अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़
इधर, अंगदान के बाद युवक का शव जब गृह नगर पहुंचा तो लोगों ने शवयात्रा पर पुष्पवर्षा की और हजारों लोगों ने तालियां बजाकर अंगदान के निर्णय का सम्मान किया। वहीं प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

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