{"_id":"69c2ca0816bb3c35be0c6252","slug":"indore-news-imc-issues-notices-for-commercial-activities-in-basements-instead-of-parking-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौर नगर निगम का अल्टीमेटम: व्यावसायिक इमारतों को इस वजह से दिया नोटिस; बेसमेंट से बाजार हटाने का सख्त फरमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर नगर निगम का अल्टीमेटम: व्यावसायिक इमारतों को इस वजह से दिया नोटिस; बेसमेंट से बाजार हटाने का सख्त फरमान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Wed, 25 Mar 2026 07:00 AM IST
विज्ञापन
सार
इंदौर नगर निगम ने शहर की 35 ऐसी इमारतों को नोटिस जारी किए हैं जिनके तलघर में पार्किंग की जगह व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस मुद्दे पर निगम का सख्त रुख दिख रहा है। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन
विस्तार
इंदौर नगर निगम द्वारा शहर की व्यावसायिक इमारतों के तलघर में चल रही व्यापारिक गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा गया है। निगम प्रशासन ने शहर की ऐसी 35 प्रमुख बिल्डिंगों को चिन्हित किया है, जहां बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के स्थान पर दुकानों या अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा था। इन सभी भवन स्वामियों को औपचारिक नोटिस जारी कर सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
यह भी पढ़ें...
Indore News: पेट्रोल पंपों पर लगी लाइनें, प्रशासन ने कहा पर्याप्त स्टॉक, अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की नजर
दस दिनों के भीतर पार्किंग व्यवस्था बहाल करने के निर्देश
नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी किए गए इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भवन संचालकों को 10 दिन का समय दिया जा रहा है। इस अवधि के भीतर उन्हें तलघर में किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण को हटाना होगा और वहां पार्किंग की व्यवस्था को फिर से सुचारू करना होगा। निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि इस समय सीमा के बाद भी भवनों में पार्किंग की जगह व्यापारिक गतिविधियां संचालित पाई गईं, तो निगम की टीम स्वयं वहां पहुंचकर निर्माण कार्य को ध्वस्त करने की सीधी कार्रवाई करेगी।
हर साल चलने वाले अभियान की सार्थकता पर सवाल
उल्लेखनीय है कि इंदौर नगर निगम द्वारा बेसमेंट की जांच और नोटिस देने की यह प्रक्रिया हर एक या दो साल में दोहराई जाती है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, हर बार भवन अधिकारियों और भवन निरीक्षकों द्वारा जोनल स्तर पर इमारतों की सघन जांच की जाती है और नोटिस भी बांटे जाते हैं। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और जानकारों का कहना है कि इन अभियानों का परिणाम अक्सर सिफर ही रहता है। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है, जिससे पार्किंग की समस्या जस की तस बनी रहती है।
जोनल कार्यालयों में सक्रिय हुए भवन अधिकारी और निरीक्षक
वर्तमान में नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा के निर्देशों के बाद सभी जोनल कार्यालयों में तैनात भवन अधिकारी और भवन निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों की इमारतों का सर्वे कर रहे हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन इमारतों ने भवन अनुज्ञा के समय पार्किंग के लिए जगह मंजूर करवाई थी लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक निर्माण कर लिया। निगम का कहना है कि इस बार लापरवाही बरतने वाले भवन स्वामियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
Trending Videos
यह भी पढ़ें...
Indore News: पेट्रोल पंपों पर लगी लाइनें, प्रशासन ने कहा पर्याप्त स्टॉक, अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की नजर
विज्ञापन
विज्ञापन
दस दिनों के भीतर पार्किंग व्यवस्था बहाल करने के निर्देश
नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा जारी किए गए इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भवन संचालकों को 10 दिन का समय दिया जा रहा है। इस अवधि के भीतर उन्हें तलघर में किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण को हटाना होगा और वहां पार्किंग की व्यवस्था को फिर से सुचारू करना होगा। निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि इस समय सीमा के बाद भी भवनों में पार्किंग की जगह व्यापारिक गतिविधियां संचालित पाई गईं, तो निगम की टीम स्वयं वहां पहुंचकर निर्माण कार्य को ध्वस्त करने की सीधी कार्रवाई करेगी।
हर साल चलने वाले अभियान की सार्थकता पर सवाल
उल्लेखनीय है कि इंदौर नगर निगम द्वारा बेसमेंट की जांच और नोटिस देने की यह प्रक्रिया हर एक या दो साल में दोहराई जाती है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, हर बार भवन अधिकारियों और भवन निरीक्षकों द्वारा जोनल स्तर पर इमारतों की सघन जांच की जाती है और नोटिस भी बांटे जाते हैं। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और जानकारों का कहना है कि इन अभियानों का परिणाम अक्सर सिफर ही रहता है। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है, जिससे पार्किंग की समस्या जस की तस बनी रहती है।
जोनल कार्यालयों में सक्रिय हुए भवन अधिकारी और निरीक्षक
वर्तमान में नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा के निर्देशों के बाद सभी जोनल कार्यालयों में तैनात भवन अधिकारी और भवन निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों की इमारतों का सर्वे कर रहे हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन इमारतों ने भवन अनुज्ञा के समय पार्किंग के लिए जगह मंजूर करवाई थी लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक निर्माण कर लिया। निगम का कहना है कि इस बार लापरवाही बरतने वाले भवन स्वामियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X