Indore News: हाईकोर्ट ने कहा- पांच साल से लापता महिलाओं और बच्चों के आंकड़े पेश करे सरकार
लापता महिलाओं और बच्चों को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने वर्ष 2021 से अब तक के गुमशुदगी के मामलों, बरामदगी और लंबित प्रकरणों का पूरा ब्यौरा राज्य सरकार से मांगा है।
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इंदौर हाईकोर्ट ने इंदौर जिले में पांच साल से अब तक लापता हुई महिलाओं और बच्चों के मामलों में राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने इस मामले में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से बरामद किए गए लोगों और लंबित मामलों के पूरे आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने यह भी पूछा कि जो महिलाएं और बच्चे अभी तक नहीं मिल पाए हैं, उन्हें तलाशने के लिए पुलिस और प्रशासन के स्तर पर क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।
जनहित याचिका में इंदौर जिले से बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों के गायब होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि लापता लोगों की तलाश में लगातार देरी हो रही है और इससे संबंधित आधिकारिक आंकड़ों को भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह वर्ष 2021 से लेकर अब तक के सभी दर्ज मामलों, बरामदगी की स्थिति और लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से अदालत को अवगत कराए।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष यह मांग रखी कि लापता महिलाओं और बच्चों की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। सिर्फ सरकारी आंकड़े सार्वजनिक कर देना ही पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना होगा कि लंबित मामलों की जांच किस स्तर पर चल रही है और गुमशुदा लोगों को खोजने के लिए मैदानी स्तर पर क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
याचिका में पुलिस तंत्र को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा ऐसे मामलों की नियमित रूप से समीक्षा करने की मांग भी याचिका में की गई है।
