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Indore News: चूहों से ब्रिज को बचाने के लिए बिछाए कांच के टुकड़े, अब सड़कों की मरम्मत होगी
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 13 Jan 2026 10:35 AM IST
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सार
Indore News: नगर निगम ने चूहों द्वारा खोखले किए जा रहे शास्त्री ब्रिज और गांधी प्रतिमा परिसर को बचाने के लिए विशेष मरम्मत कार्य शुरू किया है। अब आसपास की सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
रीगल तिराहा
- फोटो : डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर नगर निगम ने शहर के महत्वपूर्ण शास्त्री ब्रिज की सुरक्षा और सुंदरता को बढ़ाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत पूरे शास्त्री ब्रिज के फुटपाथों की खुदाई की जा रही है। उसके साथ सड़कों की मरम्मत भी अब शुरू हो गई है।
यहां ब्रिज में पुराने ढांचे को हटाकर केमिकलयुक्त विशेष मटेरियल भरा गया है, जिसके ऊपर नई और अधिक भार क्षमता वाली हैवी इंटरलाकिंग टाइल्स लगाई जा रही हैं। यह कदम ब्रिज की आधारभूत संरचना को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
चूहों के आतंक से निपटने की अनूठी तकनीक
निगम अधिकारियों ने पिछले दिनों एसजीएसआईटीएस के विशेषज्ञों के साथ शास्त्री ब्रिज का संयुक्त दौरा किया था। इस निरीक्षण में यह बात सामने आई कि चूहों द्वारा की जा रही खुदाई से ब्रिज का आंतरिक हिस्सा खोखला हो रहा है। विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार कार्ययोजना के तहत अब फुटपाथ की जमीन पर केमिकलयुक्त मटेरियल के साथ कांच के टुकड़ों की एक परत भी बिछाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य चूहों को जमीन के भीतर सुरंग बनाने से रोकना है ताकि भविष्य में ब्रिज को किसी भी प्रकार के संरचनात्मक नुकसान से बचाया जा सके।
प्रमुख परिसरों का सौंदर्यीकरण और सुधार होगा
जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के अनुसार सुधार का यह कार्य केवल ब्रिज तक सीमित नहीं है। रीगल स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में भी चूहों के कारण जमीन खोखली होने की शिकायतें मिली थीं, जिसे देखते हुए वहां भी इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और रीगल के आसपास के अन्य हिस्सों में भी पुरानी टाइल्स को हटाकर नई हैवी लॉकिंग टाइल्स लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि पैदल चलने वालों को बेहतर सुविधा मिल सके।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और अधूरी सड़कों की चुनौती
एक ओर जहां सौंदर्यीकरण का काम जारी है, वहीं जवाहर मार्ग से चंद्रभागा तक की सड़क का निर्माण अब भी चुनौतियों से घिरा है। वर्षों बीत जाने के बाद भी इस सड़क की केवल एक लेन ही तैयार हो पाई है, जबकि दूसरी लेन का काम बाधाओं और कानूनी अड़चनों के कारण अटका हुआ है। हालांकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने इसी आधी-अधूरी सड़क पर इंटरलाकिंग पेवर ब्लॉक लगाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में यहां पांच करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण और रिटर्निंग वॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
बाधाओं को हटाने और टेंडर प्रक्रिया पर जोर
सड़क निर्माण के दौरान कई दुकानों और मकानों के बाधक हिस्सों को हटाया गया है, लेकिन कुछ धार्मिक स्थलों और निजी संपत्तियों के कारण मामला अब भी पेचीदा बना हुआ है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद भी फिलहाल कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। निर्माण कार्यों के लिए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं, लेकिन ठेकेदारों की रुचि कम होने के कारण कुछ तकनीकी कार्य अटके हुए हैं। प्रशासन अब इन सभी बाधाओं को दूर कर चंद्रभागा तक की सड़क को पूर्ण रूप देने की कोशिश में जुटा है।
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यहां ब्रिज में पुराने ढांचे को हटाकर केमिकलयुक्त विशेष मटेरियल भरा गया है, जिसके ऊपर नई और अधिक भार क्षमता वाली हैवी इंटरलाकिंग टाइल्स लगाई जा रही हैं। यह कदम ब्रिज की आधारभूत संरचना को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
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चूहों के आतंक से निपटने की अनूठी तकनीक
निगम अधिकारियों ने पिछले दिनों एसजीएसआईटीएस के विशेषज्ञों के साथ शास्त्री ब्रिज का संयुक्त दौरा किया था। इस निरीक्षण में यह बात सामने आई कि चूहों द्वारा की जा रही खुदाई से ब्रिज का आंतरिक हिस्सा खोखला हो रहा है। विशेषज्ञों की सलाह पर तैयार कार्ययोजना के तहत अब फुटपाथ की जमीन पर केमिकलयुक्त मटेरियल के साथ कांच के टुकड़ों की एक परत भी बिछाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य चूहों को जमीन के भीतर सुरंग बनाने से रोकना है ताकि भविष्य में ब्रिज को किसी भी प्रकार के संरचनात्मक नुकसान से बचाया जा सके।
प्रमुख परिसरों का सौंदर्यीकरण और सुधार होगा
जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर के अनुसार सुधार का यह कार्य केवल ब्रिज तक सीमित नहीं है। रीगल स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में भी चूहों के कारण जमीन खोखली होने की शिकायतें मिली थीं, जिसे देखते हुए वहां भी इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन और रीगल के आसपास के अन्य हिस्सों में भी पुरानी टाइल्स को हटाकर नई हैवी लॉकिंग टाइल्स लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि पैदल चलने वालों को बेहतर सुविधा मिल सके।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और अधूरी सड़कों की चुनौती
एक ओर जहां सौंदर्यीकरण का काम जारी है, वहीं जवाहर मार्ग से चंद्रभागा तक की सड़क का निर्माण अब भी चुनौतियों से घिरा है। वर्षों बीत जाने के बाद भी इस सड़क की केवल एक लेन ही तैयार हो पाई है, जबकि दूसरी लेन का काम बाधाओं और कानूनी अड़चनों के कारण अटका हुआ है। हालांकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने इसी आधी-अधूरी सड़क पर इंटरलाकिंग पेवर ब्लॉक लगाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में यहां पांच करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण और रिटर्निंग वॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
बाधाओं को हटाने और टेंडर प्रक्रिया पर जोर
सड़क निर्माण के दौरान कई दुकानों और मकानों के बाधक हिस्सों को हटाया गया है, लेकिन कुछ धार्मिक स्थलों और निजी संपत्तियों के कारण मामला अब भी पेचीदा बना हुआ है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद भी फिलहाल कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। निर्माण कार्यों के लिए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं, लेकिन ठेकेदारों की रुचि कम होने के कारण कुछ तकनीकी कार्य अटके हुए हैं। प्रशासन अब इन सभी बाधाओं को दूर कर चंद्रभागा तक की सड़क को पूर्ण रूप देने की कोशिश में जुटा है।

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