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Indore News: सिंहस्थ से पहले बदलेगी सरकारी अस्पतालों की सूरत, इंदौर से उज्जैन तक लाखों लोगों के इलाज का रोडमैप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sat, 04 Apr 2026 06:59 AM IST
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सार
Indore News: एमवाय अस्पताल के 775 करोड़ के विकास कार्यों और धार रोड स्थित नए जिला अस्पताल के निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया गया। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए सांवेर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन की भी मांग रखी गई है।
एमवाय अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्जैन सिंहस्थ को लेकर प्रदेश में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इंदौर से उज्जैन तक सरकारी अस्पतालों के लिए सरकार बड़ा बजट बना रही है और इस तरह की तैयारियां की जा रही हैं कि एक ही समय में बड़ी संख्या में लोग बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने हाल ही में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला से इंदौर प्रवास के दौरान मुलाकात की। इस दौरान शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य इंदौर के प्रमुख अस्पतालों में जारी निर्माण कार्यों की समीक्षा करना और आगामी महापर्व की तैयारियों को गति देना था। सिलावट ने एमवाय अस्पताल और निर्माणाधीन जिला अस्पताल के कार्यों को समय सीमा में पूरा करने का आग्रह किया।
एमवाय अस्पताल की सुविधाओं का उन्नयन
मंत्री सिलावट ने बताया कि इंदौर एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है और यहां प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। अकेले एमवाय अस्पताल में रोजाना पांच हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या और बेड की उपलब्धता के बीच अंतर को कम करने के लिए शासन ने लगभग 775 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। इन कार्यों से अस्पताल का उन्नयन किया जा रहा है ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इंदौर से उज्जैन तक स्वास्थ्य सुविधाओं का रोडमैप
सिंहस्थ महापर्व की महत्ता को देखते हुए सिलावट ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने धार रोड पर बन रहे प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पताल भवन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने की मांग की ताकि स्थानीय और बाहरी मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार मिल सके।
ये भी पढ़ें- ये कैसा इलाज?: झाड़फूंक के नाम पर महिला से मारपीट, लात-घूंसों से पिटती रही पत्नी और पति चुपचाप देखता रहा
साथ ही सांवेर विधानसभा क्षेत्र की 30 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं, जिनमें सीएचसी और पीएचसी शामिल हैं, के सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा की गई। शिप्रा, धरमपुरी और सांवेर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। सरकार की योजना है कि सिंहस्थ से पहले इंदौर से उज्जैन तक स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी बेहतर हों कि लाखों लोगों के उपचार की व्यवस्था सभी स्थानों पर एक साथ संभाली जा सके।
ग्वालियर के लिए 1000 करोड़ की मांग
इंदौर की स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल को देखते हुए मंत्री सिलावट ने ग्वालियर स्थित गजराराजे चिकित्सा महाविद्यालय के लिए भी इसी तर्ज पर योजना बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने उप मुख्यमंत्री से ग्वालियर में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और विकास कार्यों के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार प्रदेश के प्रमुख महानगरों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य अवसंरचना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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एमवाय अस्पताल की सुविधाओं का उन्नयन
मंत्री सिलावट ने बताया कि इंदौर एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है और यहां प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। अकेले एमवाय अस्पताल में रोजाना पांच हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या और बेड की उपलब्धता के बीच अंतर को कम करने के लिए शासन ने लगभग 775 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। इन कार्यों से अस्पताल का उन्नयन किया जा रहा है ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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इंदौर से उज्जैन तक स्वास्थ्य सुविधाओं का रोडमैप
सिंहस्थ महापर्व की महत्ता को देखते हुए सिलावट ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने धार रोड पर बन रहे प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पताल भवन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने की मांग की ताकि स्थानीय और बाहरी मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार मिल सके।
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साथ ही सांवेर विधानसभा क्षेत्र की 30 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं, जिनमें सीएचसी और पीएचसी शामिल हैं, के सुदृढ़ीकरण पर भी चर्चा की गई। शिप्रा, धरमपुरी और सांवेर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। सरकार की योजना है कि सिंहस्थ से पहले इंदौर से उज्जैन तक स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी बेहतर हों कि लाखों लोगों के उपचार की व्यवस्था सभी स्थानों पर एक साथ संभाली जा सके।
ग्वालियर के लिए 1000 करोड़ की मांग
इंदौर की स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल को देखते हुए मंत्री सिलावट ने ग्वालियर स्थित गजराराजे चिकित्सा महाविद्यालय के लिए भी इसी तर्ज पर योजना बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने उप मुख्यमंत्री से ग्वालियर में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और विकास कार्यों के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार प्रदेश के प्रमुख महानगरों में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य अवसंरचना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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