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Indore News: सुपर कॉरिडोर के आएगी विकास में तेजी, नए संभागायुक्त ने आते ही संभाला मोर्चा

Wed, 05 Aug 2026 06:16 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Wed, 05 Aug 2026 06:16 PM IST
सार

Indore News: संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर सुपर कॉरिडोर के नए प्रोजेक्ट सहित फ्लायओवर, टीपीएस योजनाओं और स्टार्टअप पार्क की गहन समीक्षा की और शीघ्र टेंडर जारी करने के निर्देश दिए।

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हाल ही में सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो भी शुरू हो गई है। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

सुपर कॉरिडोर पर आईटी क्षेत्र के विकास और भूमि उपयोग को लेकर शासन स्तर पर बड़ी कवायद शुरू की गई है। कुछ वर्ष पूर्व शासन ने सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में देश की 2 बड़ी आईटी कंपनियों को कुल 230 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इस आवंटन के तहत टीसीएस को 100 एकड़ तथा इन्फोसिस को 130 एकड़ जमीन प्रदान की गई थी। हालांकि, निर्धारित दावों और लीज शर्तों के अनुसार कम्पनियों ने पूरी जमीन का न तो समुचित उपयोग किया और न ही अपेक्षित संख्या में रोजगार के अवसर प्रदान किए। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने कम्पनियों से उपयोग नहीं हो रही जमीन वापस लेने की कार्रवाई की। इसी क्रम में इन्फोसिस से वापस ली गई 50 एकड़ जमीन में से 25 एकड़ जमीन पर मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन द्वारा एक भव्य आईटी पार्क का निर्माण करवाया जा रहा है। इस नए आईटी पार्क के निर्माण और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी इंदौर विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। प्राधिकरण द्वारा ड्राइंग और डिजाइन का काम पूरा किए जाने के बाद शीघ्र ही इसके निर्माण टेंडर जारी किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साथ-साथ अन्य विकास कार्यों की समीक्षा हाल ही में संभागायुक्त एवं प्राधिकरण अध्यक्ष भास्कर लक्षकार द्वारा की गई है। 
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मेट्रो से भी आया बदलाव
इस प्रोजेक्ट के बाद सुपर कॉरिडोर के विकास में तेजी आएगी। हाल ही में यहां पर मेट्रो की शुरुआत हो चुकी है और अब सरकार का लक्ष्य है कि यहां पर अधिक से अधिक विश्वस्तरीय कंपनियों को शुरू करके पूरे क्षेत्र के विकास में तेजी लाई जा सके। 
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संभागायुक्त ने प्राधिकरण दफ्तर पहुंचकर की प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
संभागायुक्त ने संभागीय कार्यभार ग्रहण करने के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि वे प्रत्येक मंगलवार को प्राधिकरण से जुड़ी सभी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसी निर्णय के परिपालन में वे प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और लगभग 2.5 से 3 घंटे तक विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस बैठक में टीपीएस योजनाओं, स्टार्टअप पार्क, कन्वेंशन सेंटर, प्रस्तावित फ्लायओवर तथा एमआर सड़कों सहित कई प्रमुख प्रोजेक्टों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स द्वारा निर्मित कराए जाने वाले प्रस्तावित आईटी पार्क के पूरे खाके को संभागायुक्त ने प्रजेंटेशन के माध्यम से समझा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।


रोबोट चौराहे और रेडिसन चौराहे के फ्लायओवर का भी प्रजेंटेशन देखा
इस समीक्षा बैठक के दौरान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. परीक्षित झाड़े सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे। संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने तकनीकी, नगर नियोजन, सम्पदा एवं प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली की गहन जानकारी ली और जारी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन किया। प्राधिकरण द्वारा वर्तमान में निर्मित किए जा रहे डबल डेकर ब्रिज के साथ-साथ रोबोट चौराहे और रेडिसन चौराहे पर बनाए जाने वाले फ्लायओवरों के संबंध में भी प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। सीईओ डॉ. झाड़े ने प्रचलित टीपीएस योजनाओं की भौतिक स्थिति और वहां चल रहे निर्माण कार्यों के विषय में संभागायुक्त को अवगत कराया।

सुपर कॉरिडोर पर स्टार्टअप पार्क तथा कन्वेंशन सेंटर की तैयारियां भी जोरों पर 
उल्लेखनीय है कि इंदौर विकास प्राधिकरण स्वयं भी पीपीपी मॉडल के तहत स्टार्टअप पार्क तथा कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है। यद्यपि कन्वेंशन सेंटर के निर्माण हेतु वर्तमान तक किसी उपयुक्त एजेंसी का चयन नहीं हो सका है, परंतु सुपर कॉरिडोर पर आईटी पार्क के निर्माण का दायित्व प्राधिकरण को मिल चुका है। शासन द्वारा इन्फोसिस से वापस ली गई 50 एकड़ जमीन को अन्य आईटी कंपनियों अथवा नवीन उद्योगों को आवंटित करने का निर्णय भी पूर्व में लिया जा चुका है। पूर्व में शासन ने इन्फोसिस को 130 एकड़ भूमि आवंटित की थी, जिसमें से 1 साल पहले 50 एकड़ अप्रयुक्त भूमि वापस ले ली गई थी। लीज शर्तों के उल्लंघन तथा रोजगार प्रतिबद्धता पूरी न होने के कारण यह कदम उठाया गया था। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आईटी पार्क के डिजाइन से लेकर निर्माण तक की संपूर्ण प्रक्रिया जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।
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