Indore: इंदौर में सौ करोड़ रुपये की बेशकीमती शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त
इंदौर में जिला प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सौ करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। खजराना में अवैध रूप से बनाए गए तबेले, गैरेज और फेंसिंग को हटाकर बेशकीमती जमीन को कब्जे में लिया गया।
विस्तार
इंदौर में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा डंडा चलाया है। प्रशासन की टीम ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी जमीन को माफियाओं के चंगुल से आजाद कराया है। इंदौर जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा और अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
पहली बड़ी कार्रवाई ग्राम खजराना इलाके में की गई। यहाँ की करीब 0.769 हेक्टेयर सरकारी जमीन के एक बड़े हिस्से पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा था। लगभग 35 हजार वर्गफीट जमीन पर इमरान पटेल नाम के व्यक्ति ने कमरे बना लिए थे और वहां भैंसों का तबेला संचालित किया जा रहा था। इसी जमीन के एक दूसरे हिस्से पर शाकीर शाह ने अपना गैरेज खड़ा कर लिया था। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से इन अवैध कमरों और गैरेज को तोड़कर जमीन अपने कब्जे में ले ली। बताया जा रहा है कि खजराना की इस बेशकीमती जमीन की बाजार में कीमत लगभग 52 करोड़ 50 लाख रुपये है।
इसी तरह प्रशासन की दूसरी टीम ने सरकारी शहरी सीलिंग की जमीन पर धावा बोला। सर्वे नंबर 325/1/6/2 की इस जमीन का कुल रकबा 45 हजार वर्गफीट है। यहाँ भी कब्जेधारियों ने जमीन के चारों ओर फेंसिंग कर रखी थी और कुछ निर्माण कार्य कर लिए थे।
प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए फेंसिंग को हटा दिया और पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्रशासन के मुताबिक इन दोनों ही जगहों की जमीनों की कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। कलेक्टर के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से जमीन हड़पने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में सरकारी जमीन पर किए गए किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

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