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Indore News: आसमान होगा आज सतरंगी, गेर में बिखरेंगे खुशियों के रंग; संस्कृति और उत्साह का जीवंत प्रतीक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Tarunendra Kumar Chaturvedi
Updated Sun, 08 Mar 2026 07:03 AM IST
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सार
इंदौर में रंगपंचमी पर निकलने वाली ऐतिहासिक गेर को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। रविवार को सुबह 11 बजे से राजवाड़ा क्षेत्र में गेर शुरू होगी, जिसमें लाखों लोग शामिल होंगे। इस बार हेलीकॉप्टर से फूल और गुलाल बरसाए जाएंगे, वहीं सुरक्षा के लिए पुलिस और ड्रोन से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
इंदौर में चार किलोमीटर मार्ग पर गेर निकाली जाएगी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्सवप्रिय इंदौर में रविवार का दिन खास है। रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर का लोगों को लंबे समय से इंतजार रहता है। दूरदराज के शहरों में रहने वाले लोग खासतौर पर आयोजन में शामिल होने पहुंचते हैं। रविवार को सुबह 11 बजे से गेर निकलने लगेंगी, पर शहर की जनता काफी पहले ही राजवाड़ा पर जुटने लगेगी। लगभग चार बजे तक गेर का आयोजन होगा। इस दौरान गेर का तयशुदा चार किलोमीटर का मार्ग लोगों से खचाखच भरा रहेगा। लाखों लोग गेर देखने पहुंचते हैं।
इंदौर की गेर केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह मालवा की संस्कृति, उत्साह और अपनत्व का जीवंत प्रतीक है। कोई किसी को जाने या न पहचाने, लेकिन थोड़ा सा रंग और उसमें घुला प्यार, अपनेपन की डोर में बांधने के लिए काफी होता है। कोई अमीर-गरीब नहीं होता, न कोई छोटा-बड़ा। सब एक रंग होते हैं। यही इंदौर के इस त्योहार की खासियत है। रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर का यह खुशियों भरा त्योहार इंदौर में ही जन्मा है और अब इतना बड़ा हो चुका है कि इसे वैश्विक पहचान दिलाने की कवायद हो रही है। यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने के लिए भी अफसर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल ये इंदौर की खालिस पहचान है, जो रविवार को फिर सड़कों पर नजर आएगी। सरकारी अफसरों ने इस त्योहार के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं और लोग भी गेर में शामिल होने के लिए तैयार है। रविवार को इंदौरियों का रास्ता अपने घर से राजवाड़ा तक तय होगा।
गेर में कुछ अप्रिय घटना न हो, इसके लिए गेर मार्ग से लेकर आसपास की इमारतों तक पुलिस जवान तैनात रहेंगे। 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी गेर मार्ग पर लगाई गई है। इसके अलावा दस से ज्यादा ड्रोन आसपास से हुड़दंगियों पर निगरानी रखेंगे। 200 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे मार्ग पर हाईटेक निगरानी रखेंगे। इसके अलावा वाॅच टाॅवरों पर भी पुलिस दूरबीन लेकर तैनात रहेगी।
हेलीकाॅप्टर से बरसेंगे फूल
इस बार गेर में हेलीकाॅप्टर से फूल बरसाए जाएंगे। पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की है। फूलों के अलावा गुलाल भी हेलीकॉप्टर से बरसाया जाएगा। यह पहला मौका होगा, जब गेर में शामिल लोगों को स्वागत आसमान से किया जाएगा। इसे लिए एटीसी से भी मंजूरी ली गई है।
दस एम्बुलेंस और 40 का स्टाफ रहेगा तैनात
गेर मार्ग पर हेल्थ विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के लिए दस एम्बुलेंस और लगभग 40 मेडिकल स्टाफ के तैनाती की व्यवस्था की है, जो सुबह 9 बजे से गेर के समाप्त होने तक तैनात रहेगा। टोरी कॉर्नर से लेकर गोराकुंड, राजवाड़ा, इमामबाड़ा, जवाहर मार्ग सहित एमजी रोड के बीच में दस स्पॉट पर मेडिकल टीम की एम्बुलेंस सहित ड्यूटी लगाई जा रही है। एक एम्बुलेंस में एक डाक्टर दो नर्सिंग स्टाफ के साथ मौजूद रहेगा।
गेर में पत्थर-चप्पल चलने वालों को खाना पड़ेगी जेल की हवा
गेर में कई बार असामाजिक तत्व पत्थर फेंकते हैं या एक दूसरे पर चप्पल-जूते फेंकते हैं। इससे निपटने के लिए सादी वर्दी में पुलिस जवान गेर में शामिल रहेंगे। वे गेर में कानून हाथ में लेने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे और पकड़े जाने पर उन्हें जेल की हवा भी खाना पड़ेगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने गेर आयोजकों से कहा कि वे अपनी-अपनी गेर निर्धारित समय के साथ तय क्रम से ही निकालें। समय एवं अनुशासन का विशेष रूप से पालन करें। वे यह तय करें कि किसी भी तरह की हुड़दंग नहीं हो। पूर्ण शालीनता बनी रहे। कोई भी अवांछित सामग्री का उपयोग नहीं करें और न ही गेर में शामिल लोगों पर फेंके। गेर के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों का पालन किया जाए। अश्लील और अभद्र गाने नहीं बजाए जा सकेंगे। डीजे पर प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों से कहा गया है कि वे गेर में अनुमति प्राप्त वाहनों को ही शामिल करें। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे गेर मार्ग को अलग अलग सेक्टर में बांटा गया है।
गेर खत्म होते ही सड़कें होंगी साफ
सड़कों की सफाई का भी खास ध्यान रखा जाएगा। गेर समाप्त होने के बाद मार्ग पर कचरा, गुलाल पड़ा रहता है, जबकि इंदौर देश के साफ शहरों में से एक है। इस कारण यह गंदगी ज्यादा समय तक सड़कों पर न रहे, इसके प्रबंध नगर निगम ने किए हैं। 200 लोगों का अमला गेर समाप्त होने के बाद सड़कों पर उतरेगा और सड़क का कोना-कोना साफ करेगा। आधे घंटे के भीतर सड़क साफ करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम ने इसके लिए विशेष अमला तैयार किया है। हर बार सड़क को गेर समाप्त होने के बाद साफ किया जाता है, ताकि स्वच्छ शहर वाली इंदौर की छवि कायम रहे।
चार किलोमीटर मार्ग पर निकलेगी गेर
-- इंदौर में चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर गेर निकाली जाएगी। गेर मल्हारगंज, टोरी कार्नर, राजवाड़ा, गोराकुंड, खजूरी बाजार और सराफा से होकर गुजरेगी।
- गेर मार्ग पर किसी को भी मंच लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन द्वारा तय मंच ही लगाए जा सकेंगे।
- सुरक्षा में पांच सौ पुलिस जवान तैनात रहेंगे और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
- गेर मार्ग पर आने वाली दुकानें, इमारतों और मंदिरों को तिरपाल से ढंक दिया गया है, ताकि वे रंगों से खराब न हो सकें। राजवाड़ा के बड़े हिस्से को भी तिरपाल से कवर किया गया है।
-डीजे प्रतिबंधित रहेगा। भजन मंडलियां गेर में भजन गाते हुए लोगों का उत्साह बढ़ाएंगी।
- एप के जरिए परिवार गेर मार्ग की छतों की बुकिंग भी कर सकेंगे। 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था छतों पर की गई है।
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इंदौर की गेर केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह मालवा की संस्कृति, उत्साह और अपनत्व का जीवंत प्रतीक है। कोई किसी को जाने या न पहचाने, लेकिन थोड़ा सा रंग और उसमें घुला प्यार, अपनेपन की डोर में बांधने के लिए काफी होता है। कोई अमीर-गरीब नहीं होता, न कोई छोटा-बड़ा। सब एक रंग होते हैं। यही इंदौर के इस त्योहार की खासियत है। रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर का यह खुशियों भरा त्योहार इंदौर में ही जन्मा है और अब इतना बड़ा हो चुका है कि इसे वैश्विक पहचान दिलाने की कवायद हो रही है। यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने के लिए भी अफसर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल ये इंदौर की खालिस पहचान है, जो रविवार को फिर सड़कों पर नजर आएगी। सरकारी अफसरों ने इस त्योहार के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं और लोग भी गेर में शामिल होने के लिए तैयार है। रविवार को इंदौरियों का रास्ता अपने घर से राजवाड़ा तक तय होगा।
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गेर में कुछ अप्रिय घटना न हो, इसके लिए गेर मार्ग से लेकर आसपास की इमारतों तक पुलिस जवान तैनात रहेंगे। 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी गेर मार्ग पर लगाई गई है। इसके अलावा दस से ज्यादा ड्रोन आसपास से हुड़दंगियों पर निगरानी रखेंगे। 200 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे मार्ग पर हाईटेक निगरानी रखेंगे। इसके अलावा वाॅच टाॅवरों पर भी पुलिस दूरबीन लेकर तैनात रहेगी।
हेलीकाॅप्टर से बरसेंगे फूल
इस बार गेर में हेलीकाॅप्टर से फूल बरसाए जाएंगे। पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की है। फूलों के अलावा गुलाल भी हेलीकॉप्टर से बरसाया जाएगा। यह पहला मौका होगा, जब गेर में शामिल लोगों को स्वागत आसमान से किया जाएगा। इसे लिए एटीसी से भी मंजूरी ली गई है।
दस एम्बुलेंस और 40 का स्टाफ रहेगा तैनात
गेर मार्ग पर हेल्थ विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के लिए दस एम्बुलेंस और लगभग 40 मेडिकल स्टाफ के तैनाती की व्यवस्था की है, जो सुबह 9 बजे से गेर के समाप्त होने तक तैनात रहेगा। टोरी कॉर्नर से लेकर गोराकुंड, राजवाड़ा, इमामबाड़ा, जवाहर मार्ग सहित एमजी रोड के बीच में दस स्पॉट पर मेडिकल टीम की एम्बुलेंस सहित ड्यूटी लगाई जा रही है। एक एम्बुलेंस में एक डाक्टर दो नर्सिंग स्टाफ के साथ मौजूद रहेगा।
गेर में पत्थर-चप्पल चलने वालों को खाना पड़ेगी जेल की हवा
गेर में कई बार असामाजिक तत्व पत्थर फेंकते हैं या एक दूसरे पर चप्पल-जूते फेंकते हैं। इससे निपटने के लिए सादी वर्दी में पुलिस जवान गेर में शामिल रहेंगे। वे गेर में कानून हाथ में लेने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे और पकड़े जाने पर उन्हें जेल की हवा भी खाना पड़ेगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने गेर आयोजकों से कहा कि वे अपनी-अपनी गेर निर्धारित समय के साथ तय क्रम से ही निकालें। समय एवं अनुशासन का विशेष रूप से पालन करें। वे यह तय करें कि किसी भी तरह की हुड़दंग नहीं हो। पूर्ण शालीनता बनी रहे। कोई भी अवांछित सामग्री का उपयोग नहीं करें और न ही गेर में शामिल लोगों पर फेंके। गेर के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों का पालन किया जाए। अश्लील और अभद्र गाने नहीं बजाए जा सकेंगे। डीजे पर प्रतिबंध रहेगा। आयोजकों से कहा गया है कि वे गेर में अनुमति प्राप्त वाहनों को ही शामिल करें। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे गेर मार्ग को अलग अलग सेक्टर में बांटा गया है।
गेर खत्म होते ही सड़कें होंगी साफ
सड़कों की सफाई का भी खास ध्यान रखा जाएगा। गेर समाप्त होने के बाद मार्ग पर कचरा, गुलाल पड़ा रहता है, जबकि इंदौर देश के साफ शहरों में से एक है। इस कारण यह गंदगी ज्यादा समय तक सड़कों पर न रहे, इसके प्रबंध नगर निगम ने किए हैं। 200 लोगों का अमला गेर समाप्त होने के बाद सड़कों पर उतरेगा और सड़क का कोना-कोना साफ करेगा। आधे घंटे के भीतर सड़क साफ करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम ने इसके लिए विशेष अमला तैयार किया है। हर बार सड़क को गेर समाप्त होने के बाद साफ किया जाता है, ताकि स्वच्छ शहर वाली इंदौर की छवि कायम रहे।
चार किलोमीटर मार्ग पर निकलेगी गेर
-- इंदौर में चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर गेर निकाली जाएगी। गेर मल्हारगंज, टोरी कार्नर, राजवाड़ा, गोराकुंड, खजूरी बाजार और सराफा से होकर गुजरेगी।
- गेर मार्ग पर किसी को भी मंच लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन द्वारा तय मंच ही लगाए जा सकेंगे।
- सुरक्षा में पांच सौ पुलिस जवान तैनात रहेंगे और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।
- गेर मार्ग पर आने वाली दुकानें, इमारतों और मंदिरों को तिरपाल से ढंक दिया गया है, ताकि वे रंगों से खराब न हो सकें। राजवाड़ा के बड़े हिस्से को भी तिरपाल से कवर किया गया है।
-डीजे प्रतिबंधित रहेगा। भजन मंडलियां गेर में भजन गाते हुए लोगों का उत्साह बढ़ाएंगी।
- एप के जरिए परिवार गेर मार्ग की छतों की बुकिंग भी कर सकेंगे। 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था छतों पर की गई है।

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