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Indore:आपत्तिजनक मीम बनाने पर स्कूल से निकाले गए छात्र की याचिका पर कोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया

Sat, 07 Feb 2026 07:57 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 07 Feb 2026 07:57 AM IST
सार

इंदौर के एक स्कूल द्वारा शिक्षकों पर आपत्तिजनक मीम बनाने के आरोप में कक्षा 9 के छात्र को निकाले जाने के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर इस निष्कासन पर जवाब मांगा है।

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Indore: The court issued a notice to the state government on the petition of a student who was expelled from s
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इंदौर के एक स्कूल से निकाले गए 13 वर्षीय छात्र के पिता की याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इस छात्र को शिक्षकों से जुड़े एक आपत्तिजनक मीम प्रसारित करने के आरोप में स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था। कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस पुराने आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।जिसने अकादमिक सत्र 2024-2025 के बीच में कक्षा 9 के इस छात्र को निकालने के स्कूल के फैसले को बरकरार रखा था।

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कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि नाबालिग आमतौर पर इस तरह का व्यवहार अपने आसपास के माहौल से सीखते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक रंग वाले मीम्स को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।

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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील निपुण सक्सेना ने तर्क दिया कि छात्र पर लगाया गया दंड उसके कथित दुर्व्यवहार की तुलना में बहुत अधिक है। उन्होंने बताया कि जिस इंस्टाग्राम अकाउंट से मीम साझा किए गए थे, वह निजी था और उसे तीन बच्चे मिलकर चला रहे थे, जिन्हें स्कूल से निकाल दिया गया है।
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याचिका में कहा गया है कि स्कूल की इस कार्रवाई ने छात्र के भविष्य को संकट में डाल दिया है क्योंकि आईसीएसई बोर्ड के नियमों के अनुसार कक्षा 10 का पंजीकरण कक्षा 9 के दौरान ही पूरा हो जाता है। ऐसे में सत्र के बीच में निष्कासन से उसकी शिक्षा की निरंतरता प्रभावित हुई है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि स्कूल प्रशासन का प्रतिष्ठा बचाने का तर्क गलत है क्योंकि वह अकाउंट सार्वजनिक नहीं था। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी तय की है।

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