Indore: दो अपर मुख्य सचिव पहुंचे भागीरथपुरा, पाइप लाइन देखी, नए मरीजों की ली जानकारी
भागीरथपुरा में दूषित पानी का संकट 15 दिन बाद भी बरकरार है। एक तरफ जहां नए मरीजों का मिलना जारी है, वहीं दूसरी ओर शासन के वरिष्ठ अधिकारी जमीनी हकीकत टटोल रहे हैं। शुक्रवार को भोपाल से आए दो एसीएस (ACS) ने बस्ती का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
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इंदौर के भागीरथपुरा में पंद्रह दिन बीतने के बाद न तो पानी की सप्लाई सामान्य हो पाई है और न ही नए मरीज आना बंद हुए हैं। इन सबके बीच जनप्रतिनिधियों व अफसरों के दौरे लगातार जारी हैं। सरकार ने भागीरथपुरा के ताजा हालात जानने के लिए दो एसीएस इंदौर भेजे। अनुपम राजन और नीरज मंडलोई सुबह बस्ती पहुंचे। उनके साथ स्थानीय अफसर थे।
दोनों को बताया गया कि पुरानी लाइन में जरूरत से ज्यादा लीकेज थे। इस वजह से नर्मदा लाइन बदली जा रही है। बस्ती के 30 प्रतिशत हिस्से में नर्मदा लाइन बिछाई जा चुकी है। दोनों अफसरों ने लाइन का काम देखा, फिर आयुष्मान क्लीनिक पहुंचे। वहां उन्होंने तैनात डॉक्टरों से नए मरीजों की स्थिति देखी।
डॉक्टरों ने कहा कि अब नए मरीज कम आ रहे हैं। उनमें भी गंभीर लक्षण नहीं हैं। भोपाल से आए दोनों एसीएस स्थानीय अफसरों से ही पूरे समय घिरे रहे। उन्होंने बस्ती के लोगों से बात नहीं की। दोनों अफसर पहले सुबह साढ़े छह बजे जाने वाले थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद नगर निगम के अफसर सुबह ही बस्ती में जा पहुंचे थे, लेकिन फिर दोनों अफसर सुबह साढ़े 9 बजे पहुंचे।
दोपहर में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक
अनुपम राजन और नीरज मंडलोई ने दोपहर में रेसीडेंसी कोठी में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में भागीरथपुरा बस्ती के अलावा शहर के उन इलाकों को लेकर भी चर्चा हुई, जहां गंदे पानी की समस्या है।
राजन ने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस अब शुद्ध जल की उपलब्धता पर है। जहां भी गंदे पानी की समस्या आ रही है, वहां तुरंत लाइन बदलने के प्रस्ताव तैयार करें और काम शुरू कराएं। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भागीरथपुरा बस्ती तेजी से सामान्य हो रही है। शुक्रवार को भी चार-पांच नए मरीज ही निकले थे। नर्मदा लाइन बिछाने का काम भी चल रहा है।

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