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Jabalpur News: अपर कलेक्टर कार्यालय में रिश्वतखोरी का खेल, 20 हजार लेते लोकायुक्त के जाल में फंसा रीडर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 05:55 PM IST
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सार
सिवनी के एक भूमि विवाद से जुड़ी अपील में फैसला पक्ष में कराने के एवज में रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाकर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ आरोपी रीडर को पकड़ लिया।
बीस हजार की रिश्वत लेते पकड़ाया रीडर
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विस्तार
लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनादौन अपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ रीडर माधव प्रसाद तिवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लंबित अपील में पक्ष में फैसला करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले के अनुसार सिवनी जिले की छपारा तहसील के ग्राम गंगादाना निवासी संतोष सिंह सिसोदिया की पैतृक भूमि पर लगे जामुन एवं अन्य पेड़ों को अज्ञात लोगों द्वारा काट दिया गया था। इस मामले में उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद विरोधी पक्ष के खिलाफ एसडीएम कार्यालय में भी शिकायत की गई, लेकिन वहां से निर्णय शिकायतकर्ता के विरुद्ध आया। इस फैसले के खिलाफ संतोष सिंह ने अपर कलेक्टर के समक्ष अपील दायर की थी, जो लंबित थी।
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आरोप है कि अपर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ रीडर माधव प्रसाद तिवारी ने लंबित अपील के पक्ष में फैसला कराने के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त से संपर्क किया। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत आरोपी रीडर ने शिकायतकर्ता को अपर कलेक्टर कार्यालय स्थित उपभोक्ता फोरम बिल्डिंग के पोर्च में बुलाया। जैसे ही उसने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत राशि ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई। लोकायुक्त पुलिस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
