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Jabalpur News: एसोसिएट प्रोफेसर व सिस्टर ट्यूटर भर्ती परिणाम पर कोर्ट की रोक, राज्य सरकार व चयन मंडल को नोटिस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 24 Feb 2026 09:20 PM IST
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सार

मप्र हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की भर्ती के परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। पढ़ें पूरी खबर

Ban on declaration of result of Associate Professor selection
एसोसिएट प्रोफेसर चयन का परिणाम घोषित करने पर रोक
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विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत एसोसिएट प्रोफेसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की चयन प्रक्रिया के परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

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जबलपुर निवासी निशा चंदेल एवं अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और सिस्टर ट्यूटर के पद नियमों के अनुसार पदोन्नति (प्रमोशन) से भरे जाने हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार ने इन पदों को सीधी भर्ती से भरने का आदेश जारी किया।

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याचिका में उल्लेख किया गया कि कर्मचारी चयन मंडल ने 24 दिसंबर 2025 को अधिसूचना जारी कर भर्ती परीक्षा आयोजित की। इससे पूर्व राज्य सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर और सिस्टर ट्यूटर पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। बाद में 25 जनवरी को जारी दूसरे विज्ञापन में सिस्टर ट्यूटर पद को हटाकर एसोसिएट प्रोफेसर की सीधी भर्ती निकाली गई।


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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए पात्र हैं और भर्ती नियम 2024 के अनुसार इस पद पर 100 प्रतिशत नियुक्ति पदोन्नति से की जानी है। ऐसे में सीधी भर्ती की प्रक्रिया नियम विरुद्ध और गैरकानूनी है।

सुनवाई के बाद युगलपीठ ने चयन प्रक्रिया के परिणाम जारी करने पर रोक लगाते हुए संबंधित अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने पैरवी की।

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