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Jabalpur News: ससुर ने 'उपहार' में दी थी टाइगर की खाल, डिप्टी कमिश्नर की मां पहुंचीं जेल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 24 Jul 2025 10:14 PM IST
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सार

Jabalpur News: पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि यह खाल उन्हें 1977 में उनके ससुर ने उपहार स्वरूप दी थी। उनके ससुर मंडला में वन विभाग में नाकेदार के पद पर पदस्थ थे और उसी दौरान उन्होंने यह खाल उपहार स्वरूप दी थी।

Jabalpur News: Father-in-law had given tiger skin for gift, Deputy Commissioner's mother reached jail
पुलिस जांच में जुटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश प्रसाद सरवटे के जबलपुर स्थित पैतृक निवास पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की छापामारी के दौरान बाघ की खाल मिलने से हड़कंप मच गया। यह दुर्लभ और प्रतिबंधित वन्य प्राणी अवशेष उनके घर में पूजा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। जब्त की गई खाल की जानकारी EOW ने वन विभाग को दी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला उपायुक्त की 70 वर्षीय मां सावित्री सरवटे के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

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बाघ की खाल पर करती थीं पूजा
मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया कि सावित्री सरवटे वर्षों से बाघ की खाल पर बैठकर पूजा करती थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह खाल उन्हें 1977 में उनके ससुर ने उपहार स्वरूप दी थी। उनके ससुर मंडला में वन विभाग में नाकेदार के पद पर पदस्थ थे और उसी दौरान उन्होंने यह खाल उपहार स्वरूप दी थी।
 
वन विभाग ने जब्त की दुर्लभ खाल
वन विभाग के रेंजर अपूर्व शर्मा के अनुसार, खाल की लंबाई 5 फीट 5 इंच और चौड़ाई 5 फीट 3 इंच है। इसे फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि खाल वास्तव में टाइगर की ही है। विभाग ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए तत्काल सावित्री सरवटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

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न्यायालय ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में
वन्य प्राणी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सावित्री सरवटे को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग और पुलिस दोनों ही इस प्रकरण को बेहद संवेदनशील मानते हुए आगे की जांच में जुटे हैं।

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