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MP News: महाकौशल को मिलेगा 'अंतरराष्ट्रीय मानचित्र' पर स्थान? उद्योग-पर्यावरण क्षेत्र ने सराहा सरकार का काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 14 Dec 2025 12:14 PM IST
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सार
प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर महाकौशल क्षेत्र में विकास, उद्योग, पर्यटन, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की सराहना हुई। उद्योगपतियों और बुद्धिजीवियों ने निवेश, सड़क-फ्लाईओवर, नर्मदा घाट विकास, टाइगर कॉरिडोर और पर्यटन संभावनाओं को क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला बताया।
उद्योग-पर्यावरण क्षेत्र ने सराहा सरकार का काम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार के दो साल के कार्यकाल पूर्ण होने के बाद महाकौशल क्षेत्र में विकास कार्य, रोजगार सृजन तथा पर्यावरण महत्व के संबंध में हुए कार्यों पर औद्योगिक और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित बुद्धिजीवी वर्ग ने कार्य की सराहना की है। उनका कहना है कि दो वर्षों में कई विकास कार्य हुए हैं। अपार संभावना है कि महाकौशल क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान मिल सकता है।
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जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे का कहना है कि प्रदेश सरकार के द्वारा औद्योगिक विकास के लिए जबलपुर में इंनवेस्टर समिट करवाया गया था। इसके अलावा प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर की सौगात जबलपुर को मिली। नर्मदा घाट को अयोध्या जैसा विकसित किया जा रहा है, जो पर्यावरण की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
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महाकौशल क्षेत्र में तीन टाइगर रिजर्व आते हैं। वन्य प्राणियों को देखने के लिए विदेश से सैलानी आते हैं। सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाये तो महाकौशल क्षेत्र विश्व मानचित्र में पर्यटन हक के रूप में उभर सकता है। इसके अलावा महाकौशल क्षेत्र में मटर का उत्पादन बहुत होता है और गुड़ भी बनता है। इसके अलावा वन संपदा भी बड़ी संख्या में उपलब्ध है। इस क्षेत्र में भी सरकार को कार्य करना चाहिए, जिससे लोगों को रोजगार मिल सके।
व्यापार क्षेत्र से जुड़े राजीव बडेरिया का कहना है कि दो साल के कार्यकाल से स्पष्ट है कि विकास कार्यों के संबंध में प्रदेश सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है। महाकौशल तथा बुंदेलखंड के विकास के लिए सरकार के कई सौगात दी है। भेड़ाघाट भी एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्र है और उसका विकास और विकास के साथ प्रचार-प्रसार भी आवश्यक है, जिससे उसे उसका वास्तविक हक मिल सके। यातायात सुविधा से क्षेत्र का विकास होता है। सड़क के निर्माण पर प्रदेश सरकार विशेष ध्यान दे रही है। महाकौशल क्षेत्र को पर्यटन की आभार संभावना है। जबलपुर में कई फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है, जिससे शहर का यातायात सुगम होगा।
राजीव बडेरिया।
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश की गिनती देश के विकसित प्रदेशों
महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवि गुप्ता का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के उद्योग के क्षेत्र जैसे कृषि, खनिज, वन उद्योग को परखा और उसके विकास के लिए योजना बनाकर उनका यथावत क्रियान्वयन किया गया। जिनके प्रयास से ही आज मध्य प्रदेश की गिनती देश के विकसित प्रदेशों में हो रही है।
महाकौशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रवि गुप्ता का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के उद्योग के क्षेत्र जैसे कृषि, खनिज, वन उद्योग को परखा और उसके विकास के लिए योजना बनाकर उनका यथावत क्रियान्वयन किया गया। जिनके प्रयास से ही आज मध्य प्रदेश की गिनती देश के विकसित प्रदेशों में हो रही है।
प्रेम दुबे।
- फोटो : अमर उजाला
यह योजना हैं प्रस्तावित
टाइगर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। प्रदेश में बनने वाला टाइगर कॉरिडोर बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना तथा पेंच टाइगर रिवर्स को आपस में जोड़ेगा। जिससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मंडला से नैनपुर खंड का 2 लेन पेव्ड शोल्डर के साथ चौड़ीकरण।
कटनी-जबलपुर-लखनादौन खंड पर 6 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण।
इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा
55 सौ करोड़ रुपये से टाइगर कॉरिडोर का निर्माण।
15 हजार करोड़ रुपये से जबलपुर-भोपाल ग्रीन फील्ड कॉरिडोर।
25 सौ करोड़ रुपये से जबलपुर-मंडला-चिल्पी मार्ग के 4 लाइन चौड़ीकरण।
10 हजार करोड़ से लखनादौन से रायपुर 4 लाइन स्पीड एक्सप्रेस-वे।
जबलपुर में मां सरयू के तर्ज पर मां नर्मदा के पावन तट को विकसित करने की योजना।
टाइगर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। प्रदेश में बनने वाला टाइगर कॉरिडोर बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना तथा पेंच टाइगर रिवर्स को आपस में जोड़ेगा। जिससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मंडला से नैनपुर खंड का 2 लेन पेव्ड शोल्डर के साथ चौड़ीकरण।
कटनी-जबलपुर-लखनादौन खंड पर 6 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण।
इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा
55 सौ करोड़ रुपये से टाइगर कॉरिडोर का निर्माण।
15 हजार करोड़ रुपये से जबलपुर-भोपाल ग्रीन फील्ड कॉरिडोर।
25 सौ करोड़ रुपये से जबलपुर-मंडला-चिल्पी मार्ग के 4 लाइन चौड़ीकरण।
10 हजार करोड़ से लखनादौन से रायपुर 4 लाइन स्पीड एक्सप्रेस-वे।
जबलपुर में मां सरयू के तर्ज पर मां नर्मदा के पावन तट को विकसित करने की योजना।

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