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Jabalpur: 11.61 लाख के रिकवरी नोटिस के खिलाफ रिटायर्ड IG को राहत, वसूली पर फिलहाल रोक, कैट ने जवाब मांगा
Tue, 04 Aug 2026 09:38 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
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Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 09:38 PM IST
सार
रिटायर्ड आईजी से 11.61 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने रोक लगा दी है। मामले में कैट ने केंद्र और राज्य सरकार समेत एसपी रीवा से जवाब तलब किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह सिकरवार को जारी रिकवरी नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। अधिकरण ने मामले में केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश शासन और रीवा पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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याचिका में बताया गया कि डॉ. महेंद्र सिंह सिकरवार वर्ष 2024 में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), रीवा के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद अप्रैल 2026 में रीवा पुलिस अधीक्षक ने उन्हें 11 लाख 61 हजार 885 रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी किया और निर्धारित राशि जमा करने के निर्देश दिए। नोटिस में यह भी कहा गया था कि राशि जमा नहीं करने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा पेंशन से राशि की वसूली की जाएगी।
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याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि संबंधित राशि वर्ष 2012 में वेतन निर्धारण से जुड़ी है। उस समय उनसे कनिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अधिक वेतन मिल रहा था, जिसके बाद उन्होंने नियोक्ता के समक्ष अभ्यावेदन देकर वेतन समान करने की मांग की थी। इसके आधार पर वर्ष 2012 से उनका वेतन पुनर्निर्धारित किया गया और बकाया एरियर का भी भुगतान किया गया था।
याचिका में यह भी कहा गया कि चूंकि वे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे, इसलिए उनके नियोक्ता भारत सरकार, गृह मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश शासन या रीवा पुलिस अधीक्षक को इस प्रकार की रिकवरी का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। याचिकाकर्ता ने इसे अधिकार क्षेत्र से बाहर और कानून के विरुद्ध बताया।
मामले की सुनवाई के बाद केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने रिकवरी की कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। साथ ही केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश शासन और एसपी रीवा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे, सोनाली पांडे और प्रथमेश पगारे ने पैरवी की।
