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Tikamgarh: बिजली कार्यालय विवाद में बड़ी कार्रवाई, कर्मचारियों से मारपीट मामले में नौ नामजद सहित कई पर FIR
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:37 PM IST
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सार
टीकमगढ़ के जतारा विद्युत कार्यालय में कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्रता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। बिजली कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और एसपी कार्यालय घेराव के बाद यह कार्रवाई की गई।
मामले को लेकर कर्मचारियों में गुस्सा, सड़क पर उतरे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टीकमगढ़ के जतारा स्थित विद्युत विभाग के संभागीय कार्यालय में कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्रता और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने आखिरकार 9 नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई बिजली कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव के बाद की गई, जिसके चलते मामले ने जिले भर में चर्चा का विषय बना रहा।
जानकारी के अनुसार 2 जून को ग्राम रतनगुवा भाटा के ग्रामीण 25 केवीए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर जतारा बिजली कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। विद्युत विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ लोग कार्यालय परिसर में जबरन घुस आए और बिजली सप्लाई बाधित कर दी। इसके बाद कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा गया
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि उपद्रवियों ने कार्यालय में चप्पल, पत्थर और गुम्मे फेंके, जिससे कई कर्मचारियों को चोटें आईं। वहीं, कार्यालय में रखा कंप्यूटर और अन्य सामग्री भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा गया। कर्मचारियों ने पहले जतारा में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में टीकमगढ़ पहुंचकर एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों के दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और कार्यालय सहायक चंद्रशेखर नरवरिया सहित अन्य कर्मचारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए।
ये भी पढ़ें- MP Rajaysabha Election: ‘तीसरी सीट आएगी नहीं तो कहां जाएगी’, इंदौर में मजाकिया अंदाज में बोले सीएम मोहन यादव
इन पर केस किया गया दर्ज
पुलिस ने वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनील अहिरवार, महेश अहिरवार, जानकी अहिरवार, जितेंद्र अहिरवार, रामचरण अहिरवार, जयराम अहिरवार, देवेंद्र अहिरवार, रविंद्र अहिरवार तथा सुनुवा वंशकार सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 132, 329(4), 324(3), 296(ए), 115(2) और 351(3) सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम किया गया है।
मामले की विवेचना की जिम्मेदारी कार्यवाहक उपनिरीक्षक रामलाल को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिजली कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय कार्यालयों में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जानकारी के अनुसार 2 जून को ग्राम रतनगुवा भाटा के ग्रामीण 25 केवीए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर जतारा बिजली कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। विद्युत विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ लोग कार्यालय परिसर में जबरन घुस आए और बिजली सप्लाई बाधित कर दी। इसके बाद कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
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कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा गया
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि उपद्रवियों ने कार्यालय में चप्पल, पत्थर और गुम्मे फेंके, जिससे कई कर्मचारियों को चोटें आईं। वहीं, कार्यालय में रखा कंप्यूटर और अन्य सामग्री भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखा गया। कर्मचारियों ने पहले जतारा में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में टीकमगढ़ पहुंचकर एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों के दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और कार्यालय सहायक चंद्रशेखर नरवरिया सहित अन्य कर्मचारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए।
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इन पर केस किया गया दर्ज
पुलिस ने वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनील अहिरवार, महेश अहिरवार, जानकी अहिरवार, जितेंद्र अहिरवार, रामचरण अहिरवार, जयराम अहिरवार, देवेंद्र अहिरवार, रविंद्र अहिरवार तथा सुनुवा वंशकार सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 132, 329(4), 324(3), 296(ए), 115(2) और 351(3) सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम किया गया है।
मामले की विवेचना की जिम्मेदारी कार्यवाहक उपनिरीक्षक रामलाल को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिजली कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि शासकीय कार्यालयों में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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