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MP News: क्या कटनी है खनिजों का नया गढ़? सोने के बाद कोयले के भंडार ने बढ़ाई शान, जानें कौन सी है ये क्वालिटी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: कटनी ब्यूरो Updated Sun, 18 Jan 2026 08:57 AM IST
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सार

कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र में उमरार नदी किनारे कोयले की मोटी परत मिलने की पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच में थर्मल व स्टीम क्वॉलिटी का कोयला पाया गया है। ड्रिलिंग व GIS रिपोर्ट के बाद क्षेत्रफल और लेयर स्पष्ट होगी, जिससे भविष्य में बड़ी कोल माइंस और रोजगार की संभावनाएं बन सकती हैं।

MP News: After gold, the first coal mine will now be found in Katni.
जांच के दौरान जुटाया गया सैंपल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खनिज का गढ़ कहे जाने वाले कटनी जिले में सोने की खान के बाद अब कोयले का अकूत भंडार मिला है। कोयले की गुणवत्ता और क्षेत्रफल की जांच करने आज कटनी-जबलपुर की पांच सदस्यीय टीम ने मौके पर जांच करने पहुंची थी। जिन्होंने बताया कि कटनी में मिले कोयले की क्वॉलिटी काफी बेहतर है, हालांकि इसकी लेयर और कितने क्षेत्रफल में फैले होने के सवाल पर GIS की टीम ने कहा कि ड्रिलिंग के माध्यम से इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लोहरवारा की उमरार नदी किनारे कोयले की मोटी परत की पुष्टि हुई है। जांच के लिए जबलपुर से पहुंचे क्षेत्रीय प्रमुख अधिकारी संजय धोपेश्वर, सहायक भौमिकीविद विमलेश चौधरी, कटनी खनिज उपसंचालक रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा समेत 5 सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर कोयले के सैंपल कलेक्ट किए हैं। जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने बताया कि शुरुआती जांच में यहां थर्मल और स्टीम क्वॉलिटी का कोयला मिला है, जिसकी गुणवत्ता काफी बेहतर है। वहीं यह कितने नीचे और क्षेत्रफल में फैला है इसके लिए कई इलाकों में शुरुआती तौर पर करीब 50 मीटर से 80 मीटर तक नीचे तक ड्रिलिंग कर यह जांच की जाएगी कि कोयले की कितनी लेयर मौजूद है।
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वहीं, मौके पर मौजूद 3 भू-वैज्ञानिकों और खनिज विभाग की टीम ने कई स्तर पर सैंपल कलेक्ट करते हुए उनकी जांच करने की बात कही है। जांच अधिकारियों की माने तो कोल ब्लॉक का सटीक एरिया स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्राथमिक अनुमान में यह काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ लग रहा है। जिसकी आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो जल्द ही भविष्य में कटनी जिले को पहली बड़ी कोल माइंस मिलेगी।

बता दें कि करीब पांच महीने पहले कटनी में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 56 हजार 400 करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे। उस दौरान जिले में सोने और क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाएं सामने आई थीं। अब कोयले के संकेत मिलने से कटनी की खनिज पहचान और भी मजबूत हो गई है। जिससे न सिर्फ मध्यप्रदेश शासन को बड़ा राजस्व मिलेगा बल्कि कटनी जिले में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाली ड्रिलिंग और GIS रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि कटनी की जमीन के नीचे छिपा यह खजाना कितना बड़ा है।
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