MP News: सेना की स्पेशल ट्रेन को विस्फोटक से डिरेल करने की नाकामयाब कोशिश या साजिश, जांच में जुटी एजेंसियां
सेना के जवानों की ट्रेन डीरेल करने के प्रयास की वारदात को लेकर कई जांच एजेंसियां सक्रिय हुई हैं। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।
विस्तार
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर बीते 18 सितंबर को जम्मु कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की स्पेशल ट्रेन की पटरी से धमाके की आवाज का मामला अब भी गर्माया हुआ है। मामला भारतीय रेल के साथ-साथ भारतीय सेना की सुरक्षा से जुड़ा हुआ था इसलिए विस्फोटक की आवाज सुनकर ट्रेन के चालक ने तुरंत ट्रेन रोक दी। साथ ही घटना की सूचना नजदीकी स्टेशन मास्टर को भी दी गई। हालांकि मौके पर मौजूद ड्राइवर को ट्रेन में किसी तरह का खतरा नजर नहीं आने और ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के बाद इस ट्रेन को रवाना कर दिया गया। इस दौरान ट्रेन चालक ने इस घटना से जुड़ी पूरी रिपोर्ट भुसावल जंक्शन पर दर्ज करवाई। इसके बाद मामले की गम्भीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हुईं और खंडवा रेलवे पुलिस के साथ ही रेलवे का सतर्कता विभाग और स्थानीय मप्र पुलिस एवं एटीएस सभी इस मामले की जांच में जुट गए।
जानकारी के मुताबिक खंडवा रेलवे सुरक्षा बल के अंतर्गत आने वाले बुरहानपुर जिले के सागफ़ाटा रेलवे स्टेशन के नजदीक सेना के जवानों की एक स्पेशल ट्रेन को डीरेल करने की नाकामयाब कोशिश की गई। मामला बुधवार का है, लेकिन अब इसकी जानकारी मिलते ही सभी जांच ऐजेंसियां भी इसकी जांच मे जुट गई हैं। सेंट्रल रेल्वे के भुसावल मंडल अंर्तगत आने वाले सागफाटा रेल्वे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रेक पर कुछ अज्ञात लोगो ने खंबा नंबर 537/5 और 537/3 के बीच कुछ विस्फोटक लगा दिए थे। इस दौरान जैसे ही सेना की ट्रेन इस विस्फोटक से गुजरी तो धमाके की आवाज सुन ट्रेन का चालक दल सचेत हुआ और उन्होंने ट्रेन को सागफाटा से कुछ दूरी पर रोक कर वहां मौजूद सागफटा स्टेशन मास्टर को मेमो दिया। इसके बाद करीब 5 मिनट रुकने के बाद ट्रेन भुसावल की ओर रवाना हो गई और भुसावल पहुंचकर इस घटना की शिकायत स्टेशन मास्टर को की गई।
सुरक्षा के चलते नहीं बोल रहे अधिकारी
बता दें कि, बुधवार 18 सितंबर की दोपहर करीब 1:48 बजे जम्मु काश्मीर से चलकर कर्नाटक की ओर जा रही आर्मी की एक स्पेशल ट्रेन को सागफाटा रेल्वे स्टेशन के पास रेल्वे ट्रेक पर विस्फोटक लगाकर डीरेल करने की नाकामयाब कोशिश की गई। वहीं घटना के बाद शनिवार दोपहर पुलिस विभाग की स्पेशल शाखा डीएसपी, नेपानगर एसडीओपी, नेपानगर थाना प्रभारी सहित रेलवे के अधिकारियों ने घटना स्थल की जांच की है। कई राष्ट्रीय सुरक्षा ऐजेंसियों के अधिकारी भी इस मामले की जांच करने खंडवा पहुंचे हैं। इसके बाद इस मामले से जुड़े 4 से 5 संदिग्धों को भी पुलिस ने पुछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। हालांकि यह पूरा मामला गंभीर होने के साथ साथ सेना से जुडा होने के चलते सभी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा इस मामले को लेकर गोपनीयता बरती जा रही है, और किसी भी अधिकारी के द्वारा इस पर कुछ भी बोलने या जानकारी देने से बचा जा रहा है जिससे अब तक पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
हर एंगल से होगी जांच : रेलवे बोर्ड के चेयरमैन बोले
बुरहानपुर में सेना की विशेष ट्रेन को उड़ाने की साजिश के मामले में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा कि बुरहानुपर की घटना पर हमारी नजर है। हमारे रेल कर्मचारी, सुरक्षा एजेंसी चौकन्नी है। चाहे मुंबई की घटना हो या बुरहानपुर की। मामले में एनआईए और एमपी एटीएस जांच कर रही है। जल्द बड़ी कार्रवाई होगी। मैं आश्वासन देता हूं। उन्होंने कहा कि ट्रैक पर फॉग हटाने वाले डिटोनेटर या आतंकी साजिश के सवाल पर कहा कि ये सब जांच के विषय हैं। मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा। हर एंगल की तहकीकात हम और सुरक्षा एजेंसी कर रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान
इधर इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रेलवे हादसों को लेकर षडयंत्र के सवाल पर कहा कि देश की क़ानून व्यवस्था चौपट है और एंटी सोशल एलिमेंट इसका फ़ायदा उठा रहे हैं।
बता दें कि रविवार देर शाम इस घटना को लेकर रेलवे ने स्थिति स्पष्ट की। रेलवे ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर सामान्य इस्तेमाल वाले पटाखे हैं। इनकी तेज आवाज से ड्राइवर को सतर्क किया जाता है। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि मध्य रेलवे के नेपानगर से लेकर खंडवा के बीच स्थित सागफाटा रेलवे स्टेशन के पास, रेलवे ट्रैक पर कुछ डेटोनेटर्स लगाने की घटना सामने आई है। इसमें जो डेटोनेटर्स इस्तेमाल किए गए हैं, वह रेलवे के द्वारा रेगुलर काम में इस्तेमाल किए जाने वाले डेटोनेटर हैं। उन्हें सामान्य बोलचाल की भाषा में पटाखे भी बोला जाता है। जब यह पटाखेनुमा डेटोनेटर्स फटते हैं, तो इसकी बहुत तेज आवाज होती है।
इसलिए इस्तेमाल होते हैं ये डेटोनेटर्स
नीला ने बताया कि इन डेटोनेटर्स का रेलवे में इस्तेमाल उस ट्रैक से गुजर रही ट्रेन के चालक को रेलवे ट्रैक पर स्थित आगे के अवरोध, रुकावट या धुंध और कोहरे के समय में किसी तरह के सिग्नल की जानकारी आसानी से मिल जाती है। ये डेटोनेटर रेलवे द्वारा सामान्य तौर पर नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि, इन डेटोनेटर को उस वक्त में सागफाटा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर लगाने का कोई औचित्य नहीं था। फिर भी बगैर किसी कारण सागफाटा रेलवे स्टेशन पर लगाए गए इन डेटोनेटर को वहां लगाने की आरपीएफ द्वारा गहन जांच पड़ताल की जा रही है। इसको लगाने के लिए, या इसको जिस भी व्यक्ति के द्वारा लगाया गया है। उसकी पूरी तहकीकात सभी दृष्टिकोण से की जा रही है।

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