महिला दिवस: महिला शासकों के दुर्लभ सिक्कों का संग्रह, युवा इतिहासकार के पास 10 हजार से अधिक ऐतिहासिक मुद्राएं
खरगोन के इतिहासकार मिलन कुमार महाजन के पास महिला शासकों द्वारा जारी दुर्लभ ऐतिहासिक सिक्कों का अनूठा संग्रह है। इसमें रजिया सुल्तान, नूरजहां, दिद्दा देवी और अहिल्याबाई होलकर जैसी शासकों के सिक्के शामिल हैं। 20 वर्षों में उन्होंने लगभग 10 हजार प्राचीन सिक्के और कई ऐतिहासिक वस्तुएं संग्रहित की हैं।
खरगोन के इतिहासकार मिलन कुमार महाजन के पास महिला शासकों द्वारा जारी दुर्लभ ऐतिहासिक सिक्कों का अनूठा संग्रह है। इसमें रजिया सुल्तान, नूरजहां, दिद्दा देवी और अहिल्याबाई होलकर जैसी शासकों के सिक्के शामिल हैं। 20 वर्षों में उन्होंने लगभग 10 हजार प्राचीन सिक्के और कई ऐतिहासिक वस्तुएं संग्रहित की हैं।
विस्तार
महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति के ऐतिहासिक योगदान को दर्शाने वाला एक अनोखा उदाहरण खरगोन शहर में देखने को मिलता है। शहर के युवा व्यवसायी और इतिहासकार मिलन कुमार महाजन के पास ऐसे कई दुर्लभ और ऐतिहासिक सिक्कों का संग्रह है, जिन्हें उस समय के पुरुष प्रधान समाज में महिला शासकों द्वारा जारी किया गया था। ये सिक्के न केवल इतिहास की झलक दिखाते हैं, बल्कि उस दौर में भी महिलाओं की शक्ति और नेतृत्व क्षमता के प्रतीक माने जाते हैं।
मिलन महाजन के अनुसार भारतीय इतिहास में कई ऐसे अवसर आए जब महिला शासकों ने केवल शासन ही नहीं किया, बल्कि अपने नाम से मुद्रा भी जारी की। उस समय किसी महिला द्वारा अपने नाम से सिक्के जारी करना एक बड़ी उपलब्धि माना जाता था। उनके निजी संग्रह में कश्मीर के उत्पल राजवंश की रानी सुगंधा देवी, लोहारा राजवंश की प्रसिद्ध रानी दिद्दा देवी, अजमेर के चौहान वंश की सोमल देवी, तुर्क राजवंश की रजिया सुल्तान, मुग़ल काल की बेगम नूरजहां, भोपाल रियासत की नवाब गौहर बेगम, शाहजहां बेगम, कुदुसिया बेगम तथा इंदौर की प्रसिद्ध हिंदू शासक देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा जारी किए गए विभिन्न प्रकार के सिक्के शामिल हैं।
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मिलन महाजन पिछले लगभग 20 वर्षों से देश-विदेश के प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व के सिक्कों का संग्रह, संरक्षण तथा उन पर शोध और अध्ययन कर रहे हैं। इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई बार क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा चुका है। उनके संग्रह में लगभग 10 हजार से अधिक सिक्के मौजूद हैं, जो विभिन्न धातुओं और अलग-अलग भार प्रणालियों से जुड़े हैं। इन सिक्कों में विश्व की प्रारंभिक मुद्राओं से लेकर वर्तमान समय की करेंसी तक शामिल है। संग्रह में प्रमुख रूप से इंडो-ग्रीक, इंडो-ससानी, पंचमार्क, मौर्यकालीन, नागवंशीय, गुप्तकालीन, कुषाण, सातवाहन, मुग़लकालीन, ब्रिटिश, डच, पुर्तगाली तथा देशी रियासतों के सिक्के शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास दुनिया के कई देशों की पेपर करेंसी का भी बड़ा संग्रह है।
सिक्कों के साथ-साथ उनके पास कई दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुएं भी संरक्षित हैं। इनमें ऐतिहासिक काल के मेडल, पुराने चेक, रियासतकालीन स्टाम्प पेपर और कोर्ट फीस टिकट, रियासतकालीन सेर-बाट (वजन प्रणाली) तथा एंटीक बर्तन, टेराकोटा, प्राचीन पलंग और निष्क जैसी प्राचीन वस्तुएं शामिल हैं।

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