फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh Electricity workers File Written Complaint Against Judge Over Arbitrary Power Cut

MP: बिजलीकर्मियों का आरोप- जज के घर की बिजली गई तो पूरे क्षेत्र की बंद करवा दी, लोग भड़के; लिखित शिकायत की

Sat, 30 May 2026 09:08 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: Sabahat Husain Updated Sat, 30 May 2026 09:08 PM IST
सार

चित्रकूट में आंधी से 33 केवी फीडरों में खराबी के बाद बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बिजली बहाल होने के बावजूद जज के घर में बिजली की समस्या बनी रही। आरोप है कि उनके निर्देश पर पूरे कस्बे की बिजली रोकी गई, जिससे पांच हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हुए। पढे़ं पूरी खबर

विज्ञापन
Madhya Pradesh Electricity workers File Written Complaint Against Judge Over Arbitrary Power Cut
जेईई और स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चित्रकूट में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे आधी के कारण 33 केवी के दो फीडरों में तकनीकी खराबी आने से ब्लैकआउट की स्थिति हो गई। शुक्रवार दोपहर तक मुख्य आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन कुछ व्यक्तिगत कनेक्शनों में समस्या रह गई। इसमें न्यायिक अधिकारी का आवास भी था। बिजलीकर्मियों का आरोप है कि शाम करीब 7:30 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया कि जबतक उनके घर की बिजली चालू नहीं होती, तब तक पूरी चित्रकूट की आपूर्ति रोक दी जाए। इसके बाद बिजलीकर्मियों ने आपूर्ति रोक दी। इससे पांच हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की आपूर्ति ठप हो गई। बाद में घटना के बाद नाराज विद्युतकर्मियों और कुछ स्थानीय नागरिकों ने पुलिस थाने पहुंचकर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। 
विज्ञापन


क्या है मामला?
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात आई तेज आंधी के कारण मझगवां से आने वाले 33 केवी के दो फीडरों में तकनीकी खराबी आ गई थी। जंगल क्षेत्र में फॉल्ट होने के कारण सुधार कार्य में समय लगा। विभाग ने शुक्रवार दोपहर तक मुख्य बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी और अधिकांश शिकायतों का निराकरण कर लिया गया था। हालांकि कुछ व्यक्तिगत कनेक्शनों में समस्याएं बनी हुई थीं, जिनमें न्यायिक अधिकारी का आवास भी शामिल बताया गया।
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों और विद्युत कर्मियों के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ रजौला सब स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद ऑपरेटर से अपने आवास की बिजली बहाल न होने पर नाराजगी जताई। आरोप है कि उन्होंने निर्देश दिया कि जब तक उनके घर की बिजली ठीक नहीं होती, तब तक पूरे चित्रकूट क्षेत्र की आपूर्ति बंद रखी जाए। विद्युत कर्मियों का कहना है कि इसके बाद रजौला और प्रमोद वन सबस्टेशन से संचालित बिजली आपूर्ति रोक दी गई। आरोप यह भी है कि ऑपरेटर को कंट्रोल रूम से बाहर कर दिया गया और कुछ समय तक किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंधेरे में डूबा कस्बा, जनता में आक्रोश
अचानक दोबारा बिजली बंद होने से चित्रकूट के हजारों उपभोक्ता परेशान हो गए। जब लोगों को इसकी वजह की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में नागरिक रजौला सबस्टेशन पहुंच गए। वहां लोगों ने विरोध जताते हुए बिजली विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा। स्थानीय लोगों का कहना था कि एक व्यक्ति की शिकायत के कारण पूरे कस्बे को अंधेरे में रखना उचित नहीं है।

मामले की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता प्रवीण वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थानीय पुलिस भी सबस्टेशन पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। इसके बाद बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी गई। सतना ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालन अभियंता पंकज द्विवेदी को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने मामले की समीक्षा शुरू की।

जज के खिलाफ लिखित शिकायत


थाने पहुंची शिकायत
घटना के बाद नाराज बिजलीकर्मियों और कुछ स्थानीय नागरिकों ने पुलिस थाने पहुंचकर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पद का प्रभाव इस्तेमाल कर सार्वजनिक सेवा को बाधित किया गया और कर्मचारियों के कार्य में हस्तक्षेप किया गया। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

क्या बोला बिजलीकर्मी पंकज?
बिजलीकर्मी पकंज ने आरोप लगाया कि जज साहब आए थे, जिसके बाद उन्होंने कहा कि हमारी लाइन बंद है। इसके बाद उन्होंने जबरदस्ती पूरे चित्रकूट की लाइन बंद करवा दी। उस समय यहां जेईई साहब नहीं थे, केवल मैं और एक लाइनमैन था।

क्या बोले कनिष्ठ अभियंता प्रवीण वर्मा?
जो हमारे कर्मचारी ने हमें जानकारी दी है, उसके हिसाब से ये बताया गया कि मजिस्ट्रेट यहां आए थे। उन्होंने दबाव बनाकर विद्युत आपूर्ति बंद करवाई और सुनने में ये भी आया है कि मारपीट की गई है। 


क्या बोला प्रत्यक्षदर्शी?
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हम लोग शिकायत करने आए थे कि बिजली नहीं आ रही है। जब हम लोग अंदर आने लगे तो दो पुलिसकर्मियों ने हमें रोककर कहा कि अंदर जज साहब बैठे हैं आप लोग अंदर नहीं जा सकते। काफी देर बाद जब भीड़ बढ़ने लगी तो जज साहब बाहर निकलकर चले गए। उसके बाद जब हम लोग अंदर गए तो ये जानकारी मिली कि बिजली जज साहब ने बंद करवा दी है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed