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मैहर में भाजपा का कार्यक्रम बना अखाड़ा: सांसद व पूर्व मंत्री की मौजूदगी में भिड़े नेता, फीकी पड़ी उपलब्धियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:17 PM IST
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सार
मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के '12 साल बेमिसाल' कार्यक्रम के दौरान मंच पर ही दो नेताओं के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया। नामों के उल्लेख को लेकर शुरू हुई बहस ने कार्यक्रम का माहौल बिगाड़ दिया और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
विवाद के बाद मैहर की सियासत गर्म, थाला थाना पहुंचा मामला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैहर भारतीय जनता पार्टी द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित 12 साल बेमिसाल कार्यक्रम मैहर जिले की अमरपाटन विधानसभा के ताला मंडल में उस समय विवादों के घेरे में आ गया, जब मंच पर ही भाजपा के दो नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता और पदाधिकारी उस समय हैरान रह गए, जब पार्टी की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में ही नेताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। घटना के दौरान मंच पर सांसद गणेश सिंह, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
नाम लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान भाषण और मंच संचालन के क्रम में नेताओं के नामों के उल्लेख को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल के भाई विजय पटेल और भाजपा ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी के बीच इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ती गई और देखते ही देखते मामला इतना गरमा गया कि मंच पर ही हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच भी इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
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वरिष्ठ नेताओं के सामने हुआ हंगामा
जिस मंच से भाजपा के 12 वर्षों की उपलब्धियों का बखान किया जाना था, वहीं पार्टी के दो पदाधिकारियों के बीच हुई मारपीट ने संगठन की छवि को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह रही कि जब यह विवाद हुआ तब सांसद गणेश सिंह और पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिसके बाद मामला शांत कराया गया। हालांकि, घटना के बाद कार्यक्रम का पूरा फोकस पार्टी की उपलब्धियों से हटकर विवाद पर आ गया।
थाने पहुंचा मामला, शिकायत दर्ज
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विवाद थाने तक पहुंच गया। भाजपा ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी ने ताला थाने पहुंचकर विजय पटेल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। मंच पर माइक छीना गया। पीड़ित के चेहरे पर चोट आई है। फरियादी के साथ बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे, जिन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
मनीष चतुर्वेदी द्वारा दिया गया आवेदन पत्र, जिसमें धमकी और गोली मारने की बात लिखी गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
ताला थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संगठन के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज
मंच पर हुई इस घटना के बाद भाजपा संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों और गुटबाजी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का विवाद संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़ा करता है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मामले पर मैहर भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि दोनों कार्यकर्ताओं के बीच आपसी मतभेद हो गया था। यह पार्टी के आंतरिक फोरम से जुड़ा मामला है। दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका कहना है कि बातचीत और स्पष्टीकरण के बाद मामला सुलझ गया है तथा अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय बनी घटना
ताला मंडल में हुई यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लोग इस मामले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठनात्मक कार्यक्रमों में इस तरह की घटनाएं न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश भी देती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता और पदाधिकारी उस समय हैरान रह गए, जब पार्टी की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में ही नेताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। घटना के दौरान मंच पर सांसद गणेश सिंह, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद थे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
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नाम लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान भाषण और मंच संचालन के क्रम में नेताओं के नामों के उल्लेख को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल के भाई विजय पटेल और भाजपा ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी के बीच इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ती गई और देखते ही देखते मामला इतना गरमा गया कि मंच पर ही हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच भी इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
वरिष्ठ नेताओं के सामने हुआ हंगामा
जिस मंच से भाजपा के 12 वर्षों की उपलब्धियों का बखान किया जाना था, वहीं पार्टी के दो पदाधिकारियों के बीच हुई मारपीट ने संगठन की छवि को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह रही कि जब यह विवाद हुआ तब सांसद गणेश सिंह और पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेताओं ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिसके बाद मामला शांत कराया गया। हालांकि, घटना के बाद कार्यक्रम का पूरा फोकस पार्टी की उपलब्धियों से हटकर विवाद पर आ गया।
थाने पहुंचा मामला, शिकायत दर्ज
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विवाद थाने तक पहुंच गया। भाजपा ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी ने ताला थाने पहुंचकर विजय पटेल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। मंच पर माइक छीना गया। पीड़ित के चेहरे पर चोट आई है। फरियादी के साथ बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे, जिन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
मनीष चतुर्वेदी द्वारा दिया गया आवेदन पत्र, जिसमें धमकी और गोली मारने की बात लिखी गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
ताला थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संगठन के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज
मंच पर हुई इस घटना के बाद भाजपा संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों और गुटबाजी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का विवाद संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़ा करता है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, मामले पर मैहर भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि दोनों कार्यकर्ताओं के बीच आपसी मतभेद हो गया था। यह पार्टी के आंतरिक फोरम से जुड़ा मामला है। दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका कहना है कि बातचीत और स्पष्टीकरण के बाद मामला सुलझ गया है तथा अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय बनी घटना
ताला मंडल में हुई यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लोग इस मामले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठनात्मक कार्यक्रमों में इस तरह की घटनाएं न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश भी देती हैं।
