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Maihar News : एक साल से पुलिस को चकमा देते फिर रहा था शातिर ठग, अब फंसा जाल में; दो की तलाश अब भी जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Oct 2025 08:12 PM IST
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सार
MP Crime News : मैहर में वाहन विक्रय के नाम पर 6.5 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने एक साल की लंबी जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी का मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार।
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विस्तार
मैहर में वाहन विक्रय के नाम पर 6.5 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को आखिरकार मैहर पुलिस ने एक साल की लंबी जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह मामला नवंबर 2024 का है, जब पीड़ित ने मैहर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने बताया कि पूजा मिश्रा, विवेक तिवारी और विपिन तिवारी, ग्राम धौरहरा, थाना अमरपाटन के निवासी, मिलकर फर्जी वाहन बिक्री का सौदा रचा। उन्होंने खुद को संजय साकेत बताकर मारुति सुजुकी जिम्नी अल्फा मॉडल वाहन बेचने का झांसा दिया और 6,50,000 रुपये की ठगी अंजाम दी।
शुरुआत में सौदा सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन जब पीड़ित ने वाहन के दस्तावेज मांगे, तो वाहन संजय साकेत के नाम पर पंजीकृत निकला। आरोपियों ने इसके बाद एक व्यक्ति को बुलाकर उसे संजय साकेत के रूप में पेश किया और पीड़ित से अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कराकर राशि वसूल ली।
जांच में खुली ठगी की परतें
वाहन न मिलने और आरोपियों से संपर्क टूट जाने पर पीड़ित ने 23 नवंबर 2024 को थाना मैहर में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपीयों ने नकली पहचान और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
लगातार की गई तलाश के बाद मुख्य आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
ये भी पढ़ें- MP NEWS: गृहमंत्री अमित शाह से मिले सीएम मोहन यादव, क्या कफ सिरप और ओबीसी आरक्षण समेत इन मुद्दों पर हुई बात?
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वाहन या प्रॉपर्टी सौदे से पहले विक्रेता की पूरी जानकारी और पहचान सुनिश्चित करें। साथ ही वाहन के पंजीकरण दस्तावेज़ को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर स्वयं सत्यापित करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
मामला दर्ज धारा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419 (धोखाधड़ी) और 420 (झूठे दस्तावेज के माध्यम से ठगी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
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शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने बताया कि पूजा मिश्रा, विवेक तिवारी और विपिन तिवारी, ग्राम धौरहरा, थाना अमरपाटन के निवासी, मिलकर फर्जी वाहन बिक्री का सौदा रचा। उन्होंने खुद को संजय साकेत बताकर मारुति सुजुकी जिम्नी अल्फा मॉडल वाहन बेचने का झांसा दिया और 6,50,000 रुपये की ठगी अंजाम दी।
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शुरुआत में सौदा सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन जब पीड़ित ने वाहन के दस्तावेज मांगे, तो वाहन संजय साकेत के नाम पर पंजीकृत निकला। आरोपियों ने इसके बाद एक व्यक्ति को बुलाकर उसे संजय साकेत के रूप में पेश किया और पीड़ित से अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कराकर राशि वसूल ली।
जांच में खुली ठगी की परतें
वाहन न मिलने और आरोपियों से संपर्क टूट जाने पर पीड़ित ने 23 नवंबर 2024 को थाना मैहर में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपीयों ने नकली पहचान और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
लगातार की गई तलाश के बाद मुख्य आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वाहन या प्रॉपर्टी सौदे से पहले विक्रेता की पूरी जानकारी और पहचान सुनिश्चित करें। साथ ही वाहन के पंजीकरण दस्तावेज़ को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर स्वयं सत्यापित करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
मामला दर्ज धारा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419 (धोखाधड़ी) और 420 (झूठे दस्तावेज के माध्यम से ठगी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

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